9/11 की 15वीं बरसी: '3000 खूबसूरत जिंदगियों को खोने का गम कभी भुला नहीं सकते'
न्यूयार्क। अमेरिका में 9/11 की 15वीं बरसी पर आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए रिश्तेदार ग्राउंड जीरो पर जमा हुए। अपनों को खो चुके लोगों ने ग्राउंड जीरो पर उनके नामों को पढ़कर उन्हें याद किया। इस मौके पर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि 9/11 हमले में 3000 खूबसूरत जिंदगियों को खोने के गम को कभी भुलाया नहीं जाएगा।

ग्राउंड जीरो पर अपनों ने किया याद
9/11 हमले में जान गंवाने वालों के पीड़ित परिवार, जिंदा बचे लोग और देश की कई बड़ी हस्तियां उस त्रासद दिन की 15वीं बरसी पर ग्राउंड जीरो पर आए और उस दर्द को अमेरिका ने आज शिद्दत से महसूस किया।
अपने बेटे को गंवाने वाले टॉम एक्वाविवा ने उस दर्द का बयां किया, 'दर्द कभी नहीं जाता। आप उससे भाग नहीं सकते। वह हमेशा आपके साथ रहता है।'
9/11 में तीन हजार लोगों को अमेरिका ने खोया था
11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर आतंकियों ने प्लेन हाईजैक कर हमला किया था। इसमें लगभग 3000 लोगों को अमेरिका ने खो दिया। अमेरिकी धरती पर यह सबसे बड़ा आतंकी हमला था।
राजनीति को परे रख जमा हुए राजनेता
राष्ट्रपति चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ लड़ रहे डेमोक्रेटिक पार्टी के कैंडिडेट हिलेरी क्लिंटन और रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 9/11 की बरसी पर मौजूद रहे।
पेंटागन में बोले राष्ट्रपित ओबामा
पेंटागन में 9/11 के स्मारक पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हमले में जान गंवाने वाले को श्रद्धांजलि दी और इस अवसर जमा लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिन 3000 लोगों को अमेरिका ने खोया उनको कभी भुलाया नहीं जाएगा। अगर वे जिंदा होते तो उनको हम अपने सपनों को पूरा करते हुए देख पाते।
ओबामा ने पीड़ित परिवारों को दिलासा देते हुए कहा, 'आपने दुख झेलते हुए जिंदगी को आगे जीने का साहस दिखाया है। आपने एक अच्छे पड़ोसी, अच्छे दोस्त और अच्छे नागरिक होने के लिए सबकुछ किया जो आप कर सकते थे। आपने ही हमें समझाया है कि ऐसा कुछ नहीं है जिसे अमेरिका झेल नहीं सकता।'












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