वोट्स में 4% का अंतर और जुदा हो गई ईयू से यूके की राहें!
लंदन। शुक्रवार यानी 24 जून को दुनिया ने एक नया इतिहास बनते देखा जब यूनाइटेड किंगडम (यूके) में हुए एक अहम जनमत संग्रह पर फैसला आया। यूरोपियन यूनियन (ईयू) से ब्रिटेन को अलग करने की मांग से जुड़े जनमत संग्रह में जनता ने अपना फैसला सुना दिया।

इस फैसले से साफ हो गया है कि अब ब्रिटेन को र्इयू से अलग होना पड़ेगा। सिर्फ चार प्रतिशत वोट्स के अंतर ने ब्रिटेन को आज एक एतिहासिक मौका दिया है। एक नजर डालिए इस जनमत संग्रह के नतीजों से जुड़ी कुछ खास बातों पर।
यूके का 'इंडिपेंडेंस डे'
- ब्रेग्जिट के नतीजों के बाद किसी एतिहासिक जनमत संग्रह में यूके को 43 वर्ष बाद ईयू छोड़कर जाना पड़ेगा।
- करीब 52% लोगों ने ब्रेग्जिट के पक्ष में तो तो 48% लोगों ने ब्रिटेन के ईयू में बने रहने के पक्ष में वोट किया।
- लंदन और स्कॉटलैंड की जनता ने बढ़-चढ़कर मतदान किया तो वहीं बाकी हिस्से में कमजोर वोटिंग दर्ज हुई ।
- यूनाइडेट किंगडम इंडिपेंडेंस पार्टी (यूकेआईपी) के नेता निगेल फराग ने नतीजों को 'स्वतंत्रता दिवस' करार दिया है।
- नतीजों के आने के बाद ब्रिटिश करेंसी पाउंड में वर्ष 1985 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई।
- इस वोटिंग में 30 मिलियन से ज्यादा लोगों ने वोटिंग की।
- ब्रेग्जिट पर हुई वोटिंग को वर्ष 1992 के बाद हुई सबसे ज्यादा वोटिंग करार दिया जा रहा है।
- लंदन में 60 प्रतिशत लोगों ने ईयू में बने रहने के लिए वोट किया।
- लंदन के अलावा इंग्लैंड के सभी क्षेत्रों में ब्रिटेन के बाहर जाने के पक्ष में वोटिंग हुई।
- ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरुन ने इसी वर्ष 20 फरवरी को इस जनमत संग्रह का ऐलान किया था।












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