आखिरकार मिल गए 'महिला पिचाश' से जुड़े सबूत, कंकाल के पैर में ताला और गले में था ब्लेड
नई दिल्ली: आपने वैम्पायर (पिचाश) के ऊपर बनी बहुत सी फिल्में और टीवी शोज देखे होंगे, लेकिन क्या ये सच में होते हैं? कुछ देशों में तो इनको बहुत ही गंभीरता से लिया जाता है, जिस वजह से उनसे निपटने के उपाय भी किए जाते हैं। हाल ही में पोलैंड के गांव में एक महिला की कब्र मिली। जिसको पुराने लोग वैम्पायर मानते थे, साथ ही उनको उसके दोबारा जिंदा होने का डर था।

17वीं शताब्दी की थी कब्र
डेली मेल की रिपोर्ट्स के मुताबिक पोलैंड के पिएन गांव में कुछ शोधकर्ता 17वीं शताब्दी के कब्रिस्तान की खुदाई कर रहे थे। तभी वहां पर उनको एक महिला के अवशेष मिले, जो बाकी अवशेषों से अलग थे। उसकी जांच करने पर पता चला कि उस वक्त के लोग इस महिला को वैम्पायर मानते थे। इसी वजह से उसको खास रीति-रिवाजों के जरिए दफनाया गया था।

गले के पास ब्लेड
जांच करने पर पता चला कि उस महिला के गले के पास ब्लेड को पिन किया गया था। ये कुछ इस तरह था कि अगर वो महिला कब्र में जिंदा हो और लौटने की कोशिश करे, तो उसका गला फिर से कट जाए। इसके अलावा महिला के सिर पर एक रेशम की टोपी थी और उसके दांत उभरे हुए थे। टोरून में निकोलस कोपरनिकस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर (टीम लीडर) डेरियस पोलिन्स्की के मुताबिक दफनाने का रूप असामान्य था। ये उस वक्त की चीजों को बयां करता है।

सिर-पैर काट देते थे
उन्होंने आगे कहा कि उस वक्त के लोग इस महिला को वैम्पायर मानते थे। उनको डर था वो वापस कब्र से आ सकती है, ऐसे में उसका सिर या पैर काट दिया जाता था। सबसे हैरानी की बात ये थी कि उसके बाएं पैर में ताला लगा हुआ था। ये सब सबूत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उस वक्त के लोग महिला को वैम्पायर मानते थे।

2015 में भी मिले थे 5 कंकाल
पोलिन्स्की के मुताबिक 11वीं शताब्दी में वैम्पायर से लोग डरते थे। आमतौर पर महिलाओं को ही ज्यादा वैम्पायर माना जाता था। इसके बाद 17वीं सदी तक वैम्पायर को असामान्य रूप से दफनाने की प्रथाएं आम हो गईं। वहीं दोबारा जिंदा होने से रोकने के लिए उनके शरीर को बुरी तरह से बर्बाद कर दिया जाता था। इससे पहले 2015 में उनको ड्रूस्को गांव में 5 कंकाल मिले थे, वहां पर भी ऐसी चीजें देखी गई थीं।












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