'ISIS बेगम' शमीमा ब्रिटिश नागरिकता की कानूनी लड़ाई हारी, वतन वापसी का टूटा सपना
शमीमा बेगम का पासपोर्ट ब्रिटेन ने रद्द कर दिया था। इसी के साथ उसकी ब्रिटेन की नागरिकता छीन ली गई थी। जिसके लिए ब्रिटिश कोर्ट में याचिका दायर की थी।

दुनिया के सबसे क्रूर और घातक आतंकवादी संगठन IS (ISIS) के साथ जुड़कर बदनाम हुई शमीमा बेगम उर्फ 'जिहादी दुल्हन' को बड़ा झटका लगा है। यूके कोर्ट से ISIS बेगम शमीमा अपनी ब्रिटिश नागरिकता की लड़ाई हार गई है। जिसके बाद अब वह ब्रिटेन नहीं लौट पाएगी। सीरिया भाग जाने के बाद उसकी ब्रिटेन की नागरिकता छीन ली गई थी, ऐसे में अब उसने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ अपनी नागरिकता वापस पाने की अपील को गंवा दिया है।
ब्रिटेन नहीं जा पाएगी 'जिहादी दुल्हन'
ऐसे में अब शमीमा बेगम ब्रिटेन नहीं जा सकती। ब्रिटिश कोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया है। जिसके बाद 'आईएस बेगम' शमीमा की सारी उम्मीदें चकनाचूर हो गई। शमीमा बेगम के खिलाफ कोर्ट ने फैसले में साफ लिखा है कि वह ब्रिटेन वापिसी के काबिल नहीं है। ऐसे में उन्हें ब्रिटेन में नहीं आने दिया जा सकता है।
15 साल की उम्र में सीरिया गई थी
बता दें कि आईएसआईएस शामिल होने के बाद वो तीन बच्चों की मां बन गई थी। जिसके बाद वो फिर से यूके जाना चाहती थी। और इसके लिए उसने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ीं। 15 साल की उम्र में शमीमा फरवरी 2015 में अपने दो दोस्तों के साथ सीरिया के लिए निकली थी। वो पिछले कुछ वर्षों से यूके लौटने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
बताया जाता है कि बेगम के दो दोस्त मारे गए थे, वह खुद तीन साल से अधिक समय तक आईएस के शासन में रहीं। आखिरकार सीरिया पहुंचने के तुरंत बाद एक डच आईएस के आतंकी से शादी करने के बाद वह 'आईएस दुल्हन' के रूप में चर्चित हो गई थी। ब्रिटेन से भागने के बाद बेगम, जो अब 23 साल की हैं, जिनका जन्म ब्रिटेन में बांग्लादेशी मूल के माता-पिता के घर हुआ था, उनसे 2019 में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर ब्रिटेन की नागरिकता छीन ली गई थी।












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