Facebook इसी हफ्ते हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालेगा, Twitter छंटनी के बाद एक और बुरी खबर
अक्टूबर में फेसबुक पैरेंट कंपनी मेटा को पिछले दिनों भारी नुकसान हुआ है और अनुमान लगाया गया है, कि मेटा के 67 अरब डॉलर बाजार से साफ हो चुके हैं।
Meta Large-Scale Layoffs: दुनिया के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में शुमार ट्विटर में भारी छंटनी के बाद अब इस हफ्ते फेसबुक की मदर कंपनी मेटा भी बड़े पैमाने पर छंटनी करने जा रही है, जिसके बाद कर्मचारियों में नौकरी जाने के डर से हड़कंप मच गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रविवार को इस मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए बुधवार को अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है, कि मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक इस सप्ताह बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू करने की योजना बना रहा है, जो हजारों कर्मचारियों को प्रभावित करेगा। हालांकि, मेटा ने वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

मेटा करने जा रहा भारी छंटनी?
अक्टूबर में फेसबुक पैरेंट कंपनी मेटा को पिछले दिनों भारी नुकसान हुआ है और अनुमान लगाया गया है, कि मेटा के 67 अरब डॉलर बाजार से साफ हो चुके हैं। वहीं, अगर पूरे साल की बात करें, तो आधा ट्रिलियन डॉलर का नुकसान सिर्फ इस साल मेटा को हो चुका है, लिहाजा बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मेटो को होने वाले इस नुकसान की सबसे बड़ी वजहों में ग्लोबल आर्थिक मंदी आने की आशंका, धीमा हो चुका आर्थिक विकास दर, टिकटॉक से प्रतिस्पर्धा, एप्पल की तरफ से किए गये प्राइवेसी में बदलाव और मेटावर्स पर बड़े पैमाने पर किए गये खर्च और रेग्यूलेशन में आने वाले खतरे की वजह से हुए हैं।

मेटा के नुकसान पर क्या बोले थे जुकरबर्ग?
वहीं, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि, उन्हें उम्मीद है कि मेटावर्स में जितना निवेश किया गया है, उसका फल मिलने में अभी एक दशक का वक्त लगेगा। लेकिन, इस दौरान उन्हें कर्मचारियों को मैनेज करने, कुछ परियोजनाओं को बंद करने और टीमों को पुर्नगठित करने की जरूरत होगी। जबकि, पिछले महीने मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि, "साल 2023 में हमारा फोकस उन छोटे क्षेत्रों में निवेश करने की होगी, जहां से हम मोटा मुनाफा कमा सकें। इसका मतलब ये हुआ, कि हमारी कुछ टीमें बढ़ेंगी, लेकिन ज्यादातर टीमें फ्लैट बनी रहेंगी, या फिर अगले कुछ सालों में ये टीमें सिकुड़ेंगी।" उन्होंने कहा कि, "कुल मिलाकर हम उम्मीद करते हैं कि, साल 2023 हमारे लिए थोड़ा मुश्किल होने वाला है और इस दौरान हम थोड़े छोटे हो सकते हैं।"

मुश्किल वक्त से गुजर रहा मेटा
आपको बता दें कि, सोशल मीडिया कंपनी ने इस साल जून महीने में 30 प्रतिशत इंजीनियरों की नियुक्ति का प्लान रद्द कर दिया था, जिसमें मार्क जुकरबर्ग ने कर्मचारियों को आर्थिक मंदी के लिए चेतावनी दी थी। मेटा के शेयरधारक अल्टीमीटर कैपिटल मैनेजमेंट ने मार्क जुकरबर्ग को एक खुले पत्र में पहले कहा था, कि कंपनी को नौकरियों और कैपिटल एक्सपेंडिचर में कटौती करके सुव्यवस्थित करने की जरूरत है। इसमें चेतावनी देते हुए ये कहा गया था, कि निवेशकों का मन मेटा से टूट गया है, क्योंकि मेटा ने मेटावर्स में भारी निवेश कर दिया है। आपको बता दें कि, माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प, ट्विटर इंक और स्नैप इंक समेत कई टेक्नोलॉजी कंपनियों ने हाल के महीनों में नौकरियों में भारी कटौती की है और हायरिंग के प्लान को वापस ले लिया है, क्योंकि हाई इंटरेस्ट रेट्स, बढ़ती मुद्रास्फीति और यूरोप में ऊर्जा संकट के कारण वैश्विक आर्थिक विकास धीमा हो चुका है।












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