कई पाकिस्तानी महिलाओं संग संबंध, सास को दिलाया महंगा हार, कतर के लिए अवैध लॉबिंग, अब जाकर फंसे US राजदूत
पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत रह चुके रिचर्ड ओल्सन को व्यक्तिगत और व्यावसायिक आचरण से जुड़े कई खुलासे के बाद सजा का सामना करना पड़ सकता है। एक अमेरिकी अखबार के मुताबिक उनके खिलाफ एक अमेरिकी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
ओल्सन पाकिस्तान में 2012 से 2015 तक राजदूत रहे थे। 2016 में विदेश विभाग से सेवानिवृत्त हुए ओल्सन का 34 साल का शानदार करियर रहा। उन्होंने पाकिस्तान, UAE, इराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी राजदूत के रूप में काम किया।

द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में सामने आए अदालती रिकॉर्ड ने उनके जीवन के एक अलग पक्ष पर प्रकाश डाला है। ओल्सन पर आरोप हैं कि उन्होंने इस्लामाबाद में अपनी तैनाती के दौरान पाकिस्तान की महिला जर्नलिस्ट मुना हबीब और कई अन्य महिलाओं के साथ नाजायज रिश्ते रखे।
बीते सप्ताह 9 सितंबर को अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने 'हीरे, गर्लफ्रेंड, अवैध लॉबिंग: एक पूर्व राजदूत का पतन' शीर्षक से पहली बार ओल्सन पर गुपचुप चलाए जा रहे ट्रायल पर रिपोर्ट पब्लिश की थी। इसमें उनके करप्शन और पोस्ट मैरिटल अफेयर की कहानियां का खुलासा हुआ था।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अमेरिकी राजदूत पाकिस्तानी पत्रकार मुना हबीब के साथ विवाहेतर संबंध में शामिल थे। दोनों ने 2012 में डेटिंग शुरू की और दो साल तक वे साथ रहे। हालांकि मुना को लंबे समय तक नहीं पता चल पाया कि ओल्सन शादीशुदा हैं, क्योंकि वह अपनी पत्नी को लेकर पाकिस्तान नहीं आए थे।
मुना को जब दो सालों बाद ये पता चला कि राजदूत पहले से शादीशुदा हैं तो उसने रिश्ता ख़त्म कर दिया। लेकिन इसके एक साल बाद फिर से दोनों करीब आ गए क्योंकि ओल्सन ने मुना को 2015 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म में प्रवेश दिलाने में मदद की।
हालांकि अदालत को सौंपे गए ईमेल से पता चलता है कि ब्रेकअप के बाद भी दोनों करीब रहे। इस दौरान ओल्सन ने अपने संपर्कों का उपयोग करते हुए, मुना को पाकिस्तानी-अमेरिकी व्यवसायी और पूर्व सीआईए एजेंट इमाद ज़ुबेरी से मिलवाया। जुबेरी ने मुना को एडमिशन में 25,000 डॉलर की मदद की और 50,000 डॉलर के ऋण की व्यवस्था भी कराई।
इसके साथ ही रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि ओल्सन के 2012 से 2015 के बीच पाकिस्तान में रहने के दौरान मुना हबीब समेत कई पाकिस्तानी महिलाओं के साथ जिश्मानी रिश्ते थे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राजनयिक पत्नी लीबिया में राजदूत के रूप में कार्यरत थीं।
हालांकि ओल्सन ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कोर्ट में दिए बयान में कहा कि मुना से उनका रिश्ता छिपा नहीं था। पाकिस्तानी टीवी एंकर को उनकी पत्नी भी जानती थीं। इसके साथ ही उन्होंने इस्लामाबाद में खुफिया एजेंसी CIA के स्टेशन चीफ को भी इसकी जानकारी दी थी।
हालांकि उन्होंने अमेरिकी राजनयिक सुरक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी, जो कि उच्च स्तरीय सुरक्षा मंजूरी वाले राजनयिकों के लिए जरूरी था। आपको बता दें कि पहली पत्नी डेबोरा जोन्स को तलाक देने के बाद ओल्सन ने मोना हबीब से शादी कर ली। फिलहाल वे न्यू मैक्सिको में साथ रहते हैं।
ओल्सन पर अगला आरोप है कि संयुक्त अरब अमीरात में तैनाती के दौरान उन्होंने दुबई के एक कारोबारी से 60 हजार डॉलर का हीरों का हार गिफ्ट लिया जिसकी जानकारी उन्होंने विभाग को नहीं दी। हार गिफ्ट में लेने के बारे में उन्होंने कहा कि यह गिफ्ट उनकी सास को दिया गया था, उन्हें या उनकी पत्नी को नहीं दिया गया।
पूर्व राजदूत को 2 अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है। उनका पहला अपराध यह है कि एक नौकरी के लिए साक्षात्कार देने जाने के लिए उनका फर्स्ट क्लास टिकट जिसका मूल्य 18,000 डॉलर था, किसी और ने चुकाया था। जिसकी जानकारी उन्होंने छुपा ली थी।
उन पर दूसरा आरोप अपनी सेवानिवृत्ति के बाद कतर की ओर से अवैध रूप से पैरवी करने को लेकर था। पूर्व राजदूत को हीरे के उपहार या प्रेमिका के कॉलेज फीस को लेकर आरोप नहीं लगाया गया है लेकिन, न्याय विभाग का कहना है कि ये प्रकरण अनैतिक व्यवहार का एक पैटर्न प्रदर्शित करते हैं।
ओल्सन की सजा मंगलवार को तय होने वाली थी लेकिन फिलहाल किसी कारणवश ये टल गई है। नियमों के मुताबिक राजदूत को इस मामले में छह महीने तक की जेल हो सकती है। हालांकि राजदूत के वकीलों का तर्क है कि उनके लंबे और सम्मानजनक करियर के लिए उन्हें कारावास से छूट मिलनी चाहिए।












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