पाकिस्तान पर मंडरा रहा डिफॉल्ट होने का खतरा, शहबाज के करीबी पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल का बयान
पाकिस्तान कभी चीन से लोन लेकर डिफॉल्ट होने से बच रहा है, तो कभी सऊदी अरब उसे लोन देकर बचा रहा है। लेकिन, अब एक्सपर्ट्स ने कहना शुरू कर दिया है, कि जो लोन लेर देश बच रहा है, वो भी तो चुकाना ही होगा।
Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा है कि, पाकिस्तान तेजी से डिफॉल्ट होने की दिशा में बढ़ रहा है और देश डिफॉल्टर हो जाएगा। पूर्व वित्त मंत्री का मानना है कि, जिस रास्ते पर पाकिस्तान इस वक्त जा रहा है, वह देश को डिफ़ॉल्ट की ओर ले जा सकता है, और उन्होंने शहबाज शरीफ की सरकार से खतरे को कम करने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया।

'डिफॉल्ट होने की दिशा में पाकिस्तान'
जिओ न्यूज के एक कार्यक्रम में बोलते हुए मिफ्ताह ने कहा कि, "पाकिस्तान को डिफॉल्ट नहीं करना चाहिए, हालांकि, मैं निश्चित रूप से मानता हूं, कि हम जिस रास्ते पर चल रहे हैं, वह हमें डिफॉल्ट की ओर ले जा सकता है"। उन्होंने कहा कि, देश में आर्थिक चुनौतियां बढ़ गई हैं और हमें खतरे से बचने के लिए कदम उठाने चाहिए।" पूर्व मंत्री ने कहा कि, जब तक सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की नौवीं समीक्षा पूरी नहीं कर लेती, तब तक डिफ़ॉल्ट का खतरा पाकिस्तान पर मंडराता रहेगा। पांच महीने से अधिक समय तक वित्त मंत्री का पद संभालने वाले मिफ्ताह ने कहा कि, "पाकिस्तान संकट में है, यह संकट में वापस आ गया है और जब तक आईएमएफ के साथ बातचीत फिर से शुरू नहीं हो जाती हगै, तब तक डिफ़ॉल्ट का खतरा बरकरार रहेगा।"

इमरान खान पर लगाया आरोप
आपको बता दें कि, मिफ्ताह इस्माइल पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ही पार्टी के सांसद हैं और वो करीब 6 महीने तक देश के वित्तमंत्री रहे। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान के समय से पहले चुनाव कराने के बयान को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि, पिछली सरकार ने देश को डिफ़ॉल्ट की ओर धकेल दिया था। उन्होंने कहा कि, "इमरान खान पाकिस्तान को डिफ़ॉल्ट की ओर धकेलने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने ही आईएमएफ के साथ पाकिस्तान का वादा तोड़ दिया और इमरान खान वह हैं, जो आईएमएफ कार्यक्रम को पटरी से उतारना चाहते थे, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे पुनर्जीवित करने की कोशिश की है।"

वित्तीय संकट में फंसा है पाकिस्तान
आपको बता दें कि, पाकिस्तान ने इस महीने की शुरुआत में अपने तत्काल डिफ़ॉल्ट जोखिम से बता है,जब स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने सुकुक बांड के जरिए अपने 1 अरब डॉलर का भुगतान किया है। लेकिन, तब से 2 दिसंबर तक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 10.45% गिरकर चार साल के नीचले स्तर तक आ गया है। हालांकि, वित्त और राजस्व मंत्री इशाक डार, जो मिफ्ताह की ही पार्टी के नेता हैं, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान डिफ़ॉल्ट नहीं होगा, क्योंकि देश सही दिशा में जा रहा है।












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