यूरोप के सबसे बड़े वेश्‍यालय पर भी कोरोना संकट की मार, जर्मनी का 10 मंजिला सेंटर दिवालिया

बर्लिन। कोरोना वायरस की वजह से साल 2020 में कई देशों की जीडीपी डूब गई और कई लोगों की नौकरियां चली गईं। इस संकट ने आईटी सेक्‍टर से लेकर तमाम सेक्‍टर में तबाही मचाई हुई है। लेकिन अब इसका असर वेश्‍यावृत्ति के पेशे पर भी नजर आने लगा है। यूरोप के सबसे बड़े वेश्‍यालय ने कोरोना वायरस की वजह से खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। यह वेश्‍यालय जर्मनी में है और विशेषज्ञों का कहना है कि वेश्‍यालय की बुरी हालत कोरोना संकट की वजह से ही हुई है।

जमा-पूंजी स्‍टाफ की सैलरी में खर्च

जमा-पूंजी स्‍टाफ की सैलरी में खर्च

जर्मनी में इस समय कई और कंपनियों पर आर्थिक संकट चल रहा है। इसके बीच ही यहां के मशहूर वेश्‍यालय पाशा ने भी खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। पाशा, पश्चिमी जर्मनी के कोलोन सिटी में है। जर्मन मीडिया के मुताबिक वेश्यालय की तरफ से गुरुवार को दिवालिया घोषित करने के लिए एप्‍लीकेशन दायर की गई है। पिछले कई महीनों से कोरोना महामारी के कारण लगे प्रतिबंधों के कारण उसका कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वेश्‍यालय के डायरेक्‍टर अरमीन लोबशाइड ने जर्मनी के एक अखबार से बातचीत में कहा कि अब हम अंत पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच महीनों के दौरान उन्होंने अपने स्टाफ जैसे सेक्सकर्मियों, कुक, मसाज देने वालों और इमारत के रखरखाव पर अपनी सारी जमा पूंजी खर्च कर दी है।

पांच माह से सेक्‍स सर्विसेज बैन

पांच माह से सेक्‍स सर्विसेज बैन

पाशा एक 10 मंजिला वेश्‍यालस है और इस सेंटर का रखरखाव बहुत आसान नहीं है। लोबशाइड के मुताबिक उनकी जो भी सेविंग्‍स थीं उसे संकट के समय सेंटर को चालू रखने और 60 स्टाफ का भुगतान करने में खर्च कर दिया गया है। कोलोन शहर जर्मन राज्य नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया में स्थित है और कोविड-19 वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राज्य ने पांच महीने पहले देह व्यापार पर बैन लगा दिया था। सेक्सवर्कर्स की ऑर्गनाइजेशन की तरफ से चेतावनी दी थी गई कि इस तरह वेश्‍यालय बंद करने से यह काम लुके छिपे तरीके से होने लगेगा, जिसमें महिलाओं के शोषण की कहीं ज्यादा संभावना होती है।

आलोचना के घेरे में सरकार

आलोचना के घेरे में सरकार

लोबशाइड ने जर्मनी की सरकार और शहर के प्रशासन की आलोचना की है। उन्‍होंने कहा कि राज्य ने कभी साफ साफ नहीं बताया कि पांच महीने पहले लागू हुई पाबंदी कब तक चलने वाली है। अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा कि हम इस तरह योजना नहीं बना सकते। शायद हम बैंकों से मदद लेकर दिवालिया होने से भी बच पाए होते, अगर हमें कहा जाता कि अगले साल की शुरुआत तक ही चीजें फिर से खुल सकेंगी। लोबशाइड ने यह भी कहा कि सब जानते हैं कि पैसे देकर सेक्स सेवाएं लेने का काम बैन के बावजूद भी जारी था, लेकिन बिना बताए और बिना उस पर कोई टैक्स चुकाए।

कई कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर

कई कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर

न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक जर्मनी के ‘क्रेडिटरिफॉर्म' नामक एक लीडिंग क्रेडिट ब्यूरो ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में कोरोना महामारी के चलते कई कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित कर सकती है। क्रेडिटरिफॉर्म के सीईओ फोल्कर उलब्रिष्ट का कहना है कि चौथी तिमाही में ऐसे आवेदनों की संख्या में बड़ा उछाल आएगा। उलब्रिष्ट का मानना है कि खेल, मनोरंजन और सांस्कृतिक क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियां और खासकर छोटे कारोबारों पर बहुत ज्यादा दबाव है। जर्मनी इस समय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से अपने सबसे बुरे आर्थिक दौर में आ गया है और ऐतिहासिक मंदी के करीब पहुंच रहा है।

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