European Union: रूस के खिलाफ और सख्त हुआ EU, आठवें पैकेज के तहत कई संस्थाओं पर भी लगाया बैन
European Union ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधात्मक उपायों को और मजबूत करने के उद्देश्य से प्रतिबंधों का एक नया पैकेज लागू कर दिया है।
Russia और यूरोपीय देशों की तनातनी रूकने का नाम नहीं ले रही है। यूक्रेन में रूस की ओर से कराए गए जनमत संग्रह ने इस आग में घी का काम किया है। European Union ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधात्मक उपायों को और मजबूत करने के उद्देश्य से प्रतिबंधों का एक नया पैकेज लागू कर दिया है। यूरोपीय यूनियन की परिषद द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि प्रतिबंधों का यह आठवां चरण यूक्रेन के डोनेस्टक, लुहान्स्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन क्षेत्रों पर अवैध कब्जों के जवाब में आया है।
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रूसी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा प्रतिबंध
8वें चरण के प्रतिबंधों के इस पैकेज में G-7 मूल्य सीमा भी शामिल है। सेवाओं, निर्यात और आयात पर प्रतिबंधों का विस्तार करते हुए इसमें व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है। पैकेज में रक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि और यूक्रेन संकट के बारे में दुष्प्रचार फैलाने वाले जाने-माने व्यक्तियों और संस्थाओं को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने अवैध जनमत संग्रह में भूमिका निभाई। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पिछले हफ्ते कहा था कि पैकेज रूस की अर्थव्यवस्था को और भी अधिक प्रभावित करेगा।
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इन प्रतिबंधों से रूस को 7 बिलियन यूरो से भी ज्यादा का नुकसान हो सकता है। रूस पहले से भी कई तरह के आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला शुरू किया था। इसके बाद पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए प्रतिबंधों की वजह से देश में बैंक, कंपनियां और बाजार प्रभावित हुए हैं। इन प्रतिबंधों की वजह से संवेदनशील ऊर्जा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में संपत्तियों को जब्त किया गया और 1,200 से अधिक अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए गए हैं।












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