'यूक्रेन संघर्ष को समाप्त कर बातचीत के रास्ते पर लौटें...', एस जयशंकर ने UNSC में दोहराया भारत का रुख
नई दिल्ली, 22 सितंबर। एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद भारत ने एक बार फिर से अपना रुख स्पष्ट किया है। यूएनएससी ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन संघर्ष पर बात की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करना और बातचीत की मेज पर लौटना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भारत सभी शत्रुता को तत्काल समाप्त करके बातचीत और कूटनीतिक का रास्ता अपनाने की आवश्यकता को दृढ़ता से दोहराता है।

पीएम मोदी ने कहा था कि ये'यह युद्ध का युग नहीं हो सकता'। इस बात को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर उस वक्त याद किया जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वे एससीओ की बैठक में शामिल हुए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करना और बातचीत की मेज पर लौटना समय की मांग है। भारत ये बात मजबूती के साथ कहता है कि दोनों देशों को शत्रुता को तत्काल समाप्त कर देना चाहिए।
यूक्रेन पर यूएनएससी ब्रीफिंग में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय है। इस दौरान विश्व ने खद्यान्न, ईंधन और उर्वरकों की कमी और मंहगाई का मुकाबला किया। विदेश मंत्री ने एससीओ को लेकर कहा कि ये परिषद कूटनीति का सबसे शक्तिशाली प्रतीक है। इसे अपने उद्देश्य पर खरा उतरते रहना चाहिए।
रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी को शुरू हुआ संघर्ष अब भी जारी है। करीब सात महीने का समय बीत चुका है। इस दौरान दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है। लेकिन ना तो यूक्रेन और ना ही रूस पीछे हटने को तैयार है। ऐसे में वैश्विक मंच पर भारत ने एक बार फिर से मजबूती के साथ अपना रुख स्पष्ट किया है।












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