क्यों दिवालिया होने वाली थी टेस्ला, कैसे बर्बाद होने वाले थे Elon Musk? भारतीय इंजीनियर को बताया
एक इंटरव्यू के दौरान साल 2008 संकट को याद करते हुए एलन मस्क भावुक हो गये थे और उन्होंने बताया था कि, 'आपके लिए एक कंपनी आपके बच्चे जैसा होता है और आप अपनी आंखों के सामने अपनी किसी भी कंपनी को मरते हुए नहीं देख सकते हैं'।
वॉशिंगटन, दिसंबर 26: विश्व के सबसे अमीर और क्रिएटिव कारोबारी एलन मस्क साल 2008 में कैसे कंगाल होने के करीब पहुंच चुके थे और आज एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा बड़ी हो चुकी टेस्ला कंपनी दिवालिया होने के कगार पर कैसे पहुंच गई थी और एलन मस्क इन झटकों से कैसे ऊबर कर आए, इस बारे में उन्होंने एक भारतीय इंजीनियर को बताया है। एलन मस्क ने साल 2008 को 'पागलपन' भरा साल कहा है।

दिवालिया होने वाली थी टेस्ला
इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने शनिवार को एक भारतीय इंजीनियर के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि, 2008 के वित्तीय संकट के दौरान टेस्ला कंपनी दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई थी। एलन मस्क ने क्रिसमस के मौके पर 2008 में उनकी कंपनी पर जो संकट आया था, उसको लेकर बात की है। एलन मस्क ने कहा कि, "2008 में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर टेस्ला फंडिंग राउंड कंप्लीट हो चुका था और टेस्ला सचमुच दिवालिएपन से कुछ ही दिन दूर था''। भारतीय इंजीनियर प्रणय पाथोले के सवाल के जवाब में एलन मस्क ने साल 2008 में अपने संघर्ष की कहानी बयां की है।

बर्बाद होने वाले थे एलन मस्क
भारतीय इंजीनियर प्रणय पाथोले ने बताया कि, एलन मस्क ने उन्हें कहा कि, साल 2008 में वो बुरी तरह से टूट रहे थे और उनके पास किराया भरने तक के लिए पैसा नहीं था और उस वक्त उन्होंने अपने दोस्तों से अपना खर्च चलाने के लिए पैसे उधार लिए थे। भारतीय इंजीनियर के ट्वीट का जवाब देते हुए एलन मस्क ने कहा कि, यह "पागलपन भरा कठिन वर्ष" था। उन्होंने याद करते हुए कहा कि, टेस्ला कंपनी का फाइनेंशियल क्लोजिंग साल 2008 में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर हुआ और उनकी कंपनी बच गई थी। वो दिन पैसे देने का आखिरी दिन था और अगर उस दिन पैसा नहीं जमा किया जाता, तो टेस्ला कंपनी दिवालिया हो जाती''। एलन मस्क ने कहा कि, ''क्रिसमस के दो दिनों बाद पेरोल बंद हो जाता''। इसके साथ ही एलन मस्क ने भारतीय इंजीनियर को कभी हार नहीं मानने की सलाह दी है।

क्या था टेस्ला पर 2008 में आया संकट?
आपको बता दें कि, साल 2008 में जब अमेरिका में आर्थिक मंदी आई थी, तो पूरी दुनिया का कारोबार प्रभावित हो गया था और इसका भयानक असर टेस्ला कंपनी पर पड़ी थी। कार कंपनी टेस्ला 2008 आर्थिक मंदी में बुरी तरह से प्रभावित हुई थी और कंपनी को जिंदा रहने के लिए नकदी की सख्त जरूरत थी। लेकिन, वो ऐसा वक्त था, जब एक भी अमेरिकन बैंक कर्ज देने की स्थिति में दूर, ज्यादातर बैंक्स बंद हो रहे थे और अमेरिका समेत दुनियाभर के बाजारों में सुनामी आ गई थी।

भावुक हो गये थे एलन मस्क
एक इंटरव्यू के दौरान साल 2008 संकट को याद करते हुए एलन मस्क भावुक हो गये थे और उन्होंने बताया था कि, 'आपके लिए एक कंपनी आपके बच्चे जैसा होता है और आप अपनी आंखों के सामने अपनी किसी भी कंपनी को मरते हुए नहीं देख सकते हैं'। उन्होंने कहा था कि, 'मेरी चार कंपनियां थीं और चारों की स्थिति खराब थी। मेरे पास 30 मिलियन डॉलर ही बचे हुए थे और मैं किसी एक कंपनी को बचा सकता था, लेकिन मैं बाकी तीन कंपनियों को मरता हुआ कैसे देख सकता था। फिर मैंने किसी एक कंपनी को नहीं चुना, बल्कि उन पैसों को सभी कंपनियों में बांट दिया'। एलन मस्क इंटरव्यू के दौरान रो पड़े थे और उन्हों कहा था कि, 'ये काफी कठिन फैसला था, क्योंकि आपके इस कदम से आपकी चारों कंपनियां दम तोड़ सकती थी, लेकिन भाग्य ने मेरा साथ दिया और चारों कंपनी बच गई'।

साल 1999 में शुरू किया था बिजनेस
एलन मस्क ने अपने भाई के साथ साल 1999 में अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी 'जिप-2' के लिए पहली बार एक सफल डील की तलाश की थी और इस डील से उन्हें जो पैसे मिले थे, उसे उन्होंने अपनी एक नई कंपनी 'एक्स डॉट कॉम' में लगा दिया था। एलन मस्क ने दावा किया था कि, उनकी कंपनी बैंकों में पैसा ट्रांसफर करने की व्यवस्था में क्रांति लाने वाली है और उन्होंने वास्तव में क्रांति ला दिया था। एलन मस्क की इसी कंपनी को आज 'पे-पाल' के नाम से जाना जाता है, जिसे उन्होंने साल 2002 में ई-बेय कंपनी को 165 मिलियन डॉलर में बेच दिया था, जो उनके कैरियर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी और इन पैसों से ने उन्होंन अंतरिक्ष की दुनिया में कदम बढ़ा दिया और 'स्पेस एक्स' कंपनी की बुनियाद रख दी। उन्होंने कंपनी को लॉंच करते वक्त दावा किया था, उनकी कंपनी एक दिन लोगों को दूसरे ग्रहों पर ले जाएगी और भविष्य में दूसरे ग्रहों पर लोग रह सकें, उसकी व्यवस्था करेगी।

2004 में टेस्ला का निर्माण
साल 2004 में एलन मस्क ने कारों की दुनिया में क्रांति मचाते हुए इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की बुनियाद रख दी और ऐलान कर दिया कि, 'भविष्य में सबकुछ इलेक्ट्रिक होगा और टेस्ला इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी'। एलन मस्क की बात आज सच साबित होती है और टेस्ला कंपनी इलेक्ट्रिक कार की दुनिया में अग्रणी है। एलन मस्क का अगला सपना मंगल ग्रह पर इंसानों की दुनिया बसाने का है और इसके लिए उनकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेस एक्स कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। एलन मस्क मानते हैं कि, मंगल ग्रह पर एक बेस बनाना इंसानों के लिए बहुत बड़ी सफलता होगी।

सफलता को कैसे लेते हैं एलन मस्क?
एलन मस्क ने एक बार बीबीसी से बात करते हुए कहा था कि, उनके लिए ये मायने नहीं रखता है कि, वो कितना अमीर हैं''। बीबीसी संवाददाता जस्टिन रॉलेट ने लिखा था कि, 'एलन मस्क की सफलता का सबसे बड़ा राज बिजनेस के प्रति उनका एटिट्यूड है और अपने व्यापार के प्रति उनका नजरिया है'। कुछ साल पहले उन्होंने अपनी कामयाबी को लेकर कहा था कि, 'मुझे नहीं पता है कि, मेरे पास कितनी संपत्ति है और ये ऐसा नहीं है कि, कहीं नोटों के बंडल पड़े हुए हैं।' उन्होंने कहा था कि, ''इसे इस तरह से देखना चाहिए कि, टेस्ला, स्पेस एक्स और सोलर सिटी में मेरी हिस्सेदारी है और मार्केट में उसकी कुछ कीमत है''। आगे मस्क ने कहा था कि, 'लेकिन, इससे वाकई कुछ भी फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि मेरे काम करने का मकसद पैसा है ही नहीं।'












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