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इमरान खान को जेल भेजकर शहबाज शरीफ ने चली नई चाल, अब अगले साल होंगे चुनाव, जानिए क्यों?

Pakistan News: इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल जेल की सजा दिलवाने के बाद शहबाज शरीफ ने अपने रास्ते के सबसे बड़े कांटे को निकाल फेंका है। लेकिन, इतने से भी शहबाज शरीफ का मन नहीं भरा है और अब पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा है, कि देश में अब अगले साल मार्च तक चुनाव होने की संभावना है।

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा है, कि काउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट्स (सीसीआई) द्वारा नई जनगणना को मंजूरी देने के बाद देश में आम चुनाव अगले साल मार्च तक टल सकते हैं, जिसके लिए पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) को निर्वाचन क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन करने की आवश्यकता होगी।

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पाकिस्तान में अब अगले साल चुनाव

राणा सनाउल्लाह ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज को बताया, कि "यदि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाता है, तो चुनाव फरवरी के तीसरे सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह में होंगे।"

ईसीपी आगामी आम चुनाव कराने के लिए बाध्य है, जो पहले इस साल अक्टूबर या नवंबर में निर्धारित था। लेकिन, शहबाज शरीफ की सरकार ने शनिवार को सीसीआई की बैठक के बाद, एक नई डिजिटल जनगणना के आधार पर "सर्वसम्मति से" 2023 की जनसंख्या के आधार पर चुनाव कराने को मंजूरी दे दी।

बैठक के बाद जारी एक बयान के मुताबिक, सभी चार मुख्यमंत्रियों और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सर्वसम्मति से जनगणना 2023 को मंजूरी दी गई।

सनाउल्लाह ने सीसीआई के फैसले का जिक्र करते हुए यह भी कहा, कि "मेरी राय में नए सिरे से परिसीमन कराना एक संवैधानिक दायित्व है।"

उन्होंने कहा कि संविधान के मुताबिक एक जनगणना के आधार पर दो आम चुनाव नहीं हो सकते।

अगले साल चुनाव क्यों करवाना चाहते शहबाज?

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री ने कहा, कि संविधान में यह भी कहा गया है कि नई जनगणना के नतीजे आधिकारिक तौर पर अधिसूचित होने के बाद निर्वाचन क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन किया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया, कि राजनीतिक दलों ने 2023 की जनगणना के नतीजों पर विभिन्न आपत्तियां उठाई थीं।

कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति के बारे में सनाउल्लाह ने कहा, कि अंतरिम मुख्य कार्यकारी के लिए किसी नाम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

हालांकि, एक्सपर्ट इसे शहबाज सरकार की नई चाल बता रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है, कि इमरान खान को भले ही जेल भेज दिया गया है, लेकिन उनको लेकर देश में भारी संवेदना है और शहबाज शरीफ को डर है, कि अगर अक्टूबर में चुनाव करवाए जाते हैं, तो इससे संवेदनाओं का फायदा इमरान खान की पार्टी को हो सकता है और उन्हें चुनाव में जबरदस्त जीत मिल सकती है।

लिहाजा, जनता के मन से इमरान खान को लेकर किसी भी तरह के इमोशन को निकालने के लिए अब अगले साल चुनाव कराने का फैसला लिया गया है।

हालांकि, पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के नेतृत्व वाली शहबाज शरीफ की सरकार ने 9 अगस्त को समय से पहले नेशनल असेंबली को भंग करने की घोषणा की है, जिससे ईसीपी को 12 अगस्त को विधायिका का संवैधानिक कार्यकाल पूरा होने पर 60 के बजाय 90 दिनों के भीतर चुनाव कराने की अनुमति मिल जाएगी।

एक दिन पहले सनाउल्लाह ने खुलासा किया था, कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद के लिए पूर्व वित्त मंत्री हफीज शेख का नाम भी शॉर्टलिस्ट किया गया है।

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