Brazil : पूर्व राष्ट्रपति बोल्सनारो को ईवीएम के खिलाफ बोलना पड़ा महंगा, 2030 तक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो का राजनीतिक करियर लगभग खत्म हो कर दिया गया है। ब्राजील की सर्वोच्च चुनावी अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति और धुर-दक्षिणपंथी नेता जेयर बोल्सोनारो के अगले 8 सालों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है।
बोल्सोनारो को पिछले साल अक्टबर में हुए चुनाव के दौरान सत्ता की ताकत और मीडिया का गलत इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया। ब्राजील के सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो को 8 साल तक पद से दूर रखने के लिए 5-2 के अंतर से फैसला सुनाया।

7 में से 5 जजों ने दोषी माना और उनके खिलाफ फैसला सुनाया। वहीं 2 जज बोल्सोनारो के समर्थन में थे। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक यदि फैसले को बरकरार रखा जाता है, तो पूर्व राष्ट्रपति बोल्सनारो 2026 में अगले राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे। हालांकि 2030 में फिर से चुनाव लड़ सकेंगे।
इसके साथ ही बोल्सोनारो 2024 और 2028 में होने वाले नगर निगम चुनावों से भी प्रतिबंधित हो चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ मामला 2022 में राष्ट्रपति रहते हुए उनके द्वारा दिए गए भाषण के इर्द-गिर्द घूमता है।
सजा सुनाने वाली पैनल की अध्यक्षता जज एलेक्जेंडर डे मोरेस ने की। उन्होंने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि ब्राजील की अथॉरिटीज ने दिखाया है कि वह आपराधिक कट्टरपंथ और देश की शक्तियों पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगी। साथ ही भ्रामक खबरों, गलत जानकारी को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
18 जुलाई 2022 में बोल्सोनारो ने अपने आवास परे विदेशी राजदूतों के साथ एक बैठक की थी। आरोप है कि इस बैठक में बाल्सोनारो ने ब्राजील की चुनावी व्यवस्था के बारे में झूठ और भ्रामक बातें फैलाईं।
पूर्व राष्ट्रपति ने विदेशी राजनयिकों के सामने ये दावा किया कि ब्राजील में उपयोग की जाने वाली इवीएम मशीनें हैक होने और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के लिए खुली थीं। खास बात ये है कि इस बैठक की यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग भी की गई।
पूर्व राष्ट्रपति ने इस फैसले को पीठ में छुरा घोंपना बताया। बोल्सोनारो ने पत्रकारों से कहा, "मैं मरा नहीं हूं, मैं काम करना जारी रखूंगा।" ब्राजील में बीते साल 30 अक्टूबर को समाप्त हुआ था। बोल्सोनारो के प्रतिद्वंदी लूला डी-सिल्वा ने बेहद मामूली अंतर से जीत हासिल की थी। इसके बाद 8 जनवरी को बोल्सोनारो के हजारों समर्थकों ने ब्रासीलिया में सरकारी भवनों पर धावा बोल दिया था।
बोल्सोनारो ने कभी भी सार्वजनिक रूप से अपनी हार स्वीकार नहीं की और लूला के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने से दो दिन पहले ब्राजील छोड़कर फ्लोरिडा चले गए थे। हालांकि 3 महीने के बाद वह अपने देश लौट गए। इसके बाद से वह राजनीतिक मामलों दूरी बरत रहे हैं।












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