Republic Day: मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी दिल्ली पहुंचे, गणतंत्र दिवस पर बने हैं चीफ गेस्ट
मिस्र के राष्ट्रपति भारत के गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट बनकर पहुंचे हैं। राष्ट्रपति के साथ 120 सदस्यों का एक दल भी आया है जो कि 26 जनवरी के परेड में कर्तव्य पथ पर मार्च करेगा।

Image: PTI
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी दिल्ली पहुंचे है। वे 26 जनवरी को मुख्य अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगे। ये पहली बार है जब मिस्र के राष्ट्रपति भारत के गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट बनकर पहुंचे हैं। राष्ट्रपति के साथ 120 सदस्यों का एक दल भी आया है जो कि 26 जनवरी के परेड में कर्तव्य पथ पर मार्च करेगा। अपनी यात्रा के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे।
गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा मिस्र
आपको बता दें कि मिस्र वर्तमान समय में गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। मिस्र की मुद्रास्फीति बढ़कर 24.4 प्रतिशत तक हो गई है। इसके साथ ही बाहरी कर्ज बढ़कर करीब 170 अरब डॉलर हो गया है। अलग-थलग पड़ चुके मिस्र की भारत ने मदद की है। भारत ने मिस्र को रियायती दरों पर गेहूं उपलब्ध कराया है। कई पर्यवेक्षकों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि मिस्र एक अभूतपूर्व आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकता है, और दिवालिया तक हो सकता है।
राष्ट्रपति की नीतियों ने पहुंचाया नुकसान
मिस्र 2016 के बाद से तीन बार IMF के पास लोन के लिए जा चुका है। IMF ने इस मुस्लिम देश को कड़ी शर्तों पर कर्ज भी दिया है। IMF की शर्त के कारण ही मिस्र की मुद्रा पाउंड में भारी गिरावट आई है और वह अपना आधा मूल्य तक खो चुकी है। मिस्र में विदेशी निवेश भी बेहद कम हो गया है क्योंकि सीसी ने अपनी गलत आर्थिक नीतियों के कारण निजी क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचाया है। मिस्र की अर्थव्यवस्था पर सेना और सरकारी कंपनियां हावी हैं। मिस्र पर फिलहाल 155 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज है जिसकी किस्त चुकाने में इसकी राष्ट्रीय आय का एक तिहाई हिस्सा खत्म हो जाता है। कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध ने मिस्र के पर्यटन पर बुरा असर डाला है।












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