इजिप्टएयर की फ्लाइट के सर्च ऑपरेशन मेंं जमीन-आसमान एक
वाशिंगटन। अमेरिका की होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी के डायरेक्टर माइकल मैककॉल ने मीडिया के सामने इस बात की जताई है कि इजिप्ट की एयरलाइंस इजिप्टएयर की फ्लाइट 804 को शायद फ्लाइट पहले से रखे बम के जरिए गिरा दिया गया होगा।
क्रैश होने की खबरें
इजिप्ट एयर की फ्लाइट पेरिस से काहिरा जाते समय गुरुवार को लापता हो गई थी। इस फ्लाइट में 66 लोग सवार थे। बाद में जानकारी आई कि फ्लाइट ग्रीस के कारप्टो द्वीप से कुछ दूर मैडिटेरियन सी में क्रैश हो गई है। इस जानकारी में कहा गया था कि फ्लाइट में सवार सभी लोगों की मौत हो गई है। फ्लाइट का मलबा ग्रीस के एक द्वीप से कुछ दूर पर मिलने की खबरें थीं। हालांकि बाद में इजिप्ट और ग्रीस के अधिकारियों ने साफ कर दिया कि मलबा इस फ्लाइट का नहीं है।
इजिप्ट ने कहा आतंकी साजिश
इजिप्ट की ओर से इस घटना पर कहा गया है कि इस घटना की वजह कोई टेक्निकल फॉल्ट नहीं बल्कि इसके पीछे आतंकी साजिश की ज्यादा संभावनाएं हैं। इजिप्टएयर की ओर से कहा गया है कि इजिप्ट के विदेश मंत्रालय ने फ्लाइट का मलबा मिलने की पुष्टि की है। अमेरिका की ओर से कहा है कि उसे इस समय फ्लाइट के गायब होने के पीछे की ठोस वजह नही मालूम है।
अमेरिका से लेकर फ्रांस की सेनाएं शामिल
पेंटागन ने की ओर से मलबे की तलाश में मदद करने के लिए यूएस नेवी के सर्विलांस पी-3 ओरियन एयरक्राफ्ट को तैनात कर दिया गया है। इस सर्च ऑपरेशन को ग्रीस के कार्पाथोस द्वीप के पास चलाया जा रहा है और इसमें ग्रीस, इजिप्ट, फ्रांस और ब्रिटेन की सेनाएं शामिल हैं।
सभी जरूरी कदम उठाने का आदेश
इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी ने फ्लाइट के मलबे का पता लगाने के लिए देश के नागरिक उड्डयन मंत्रालय, सेना के खोज और बचाव केंद्र, नेवी और एयरफोर्स को सभी जरूरी कदम उठाने का आदेश दे दिया है।
एयरपोर्ट का ग्राउंड स्टाफ शक के दायरे में
फ्रांस की ओर से तीन जांचकर्ताओं के साथ एक टेक्निकल एडवाइजर को इजििप्ट भेजा गया है। फ्रेंच न्यूजपेपर ले फिगारो ने फ्रेंच बॉर्डर पुलिस के हवाले से जानकारी दी है कि जांचकर्ता चार्ल्स दे गॉल एयरपोर्ट के ग्रांउड क्रू मेंबर्स को जांच के दायरे में ले आई हैं। सूत्रों का कहना है कि पहले भी, कट्टरपंथी सलाफी मुस्लिमों पर फ्लाइट लोडिंग और अनलोडिंग इलाके तक पहुंचने का शक रहा है।
किन किन देशों के नागरिक
जो पैसेंजर्स इस फ्लाइट में सवार थे उसमें 30 इजिप्टके, 15 फ्रांस के, एक ब्रिटिश, दो इराकी नागरिक थे।
इसके अलावा कनाडा, बेल्जियम, क़ुवैत, सऊदी अरब, अल्जीरिया, सूडान, चाड और पुर्तगाल के नागरिक हैं।













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