जानिए नोटबंदी को सही बताने वाले अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता रिचर्ड को...
अर्थशास्त्र के क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के प्रोफेसर रिचर्ड थेलर को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश में नोटबंदी का ऐलान किया था, तब उन्होंने नोटबंदी का खुले तौर पर समर्थन किया था
नई दिल्ली। अर्थशास्त्र के क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के प्रोफेसर रिचर्ड थेलर को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश में नोटबंदी का ऐलान किया था, तब उन्होंने नोटबंदी का खुले तौर पर समर्थन किया था। नोबल की इस दौड़ में उनके साथ भारत के पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन भी शामिल थे। प्रोफेसर रिचर्ड थेलर को मनोवैज्ञानिक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए नोबल पुरस्कार दिया गया है।
मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर
गौरतलब है कि नोटबंदी और जीएसटी को लेकर ही इन दिनों मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। विपक्ष के अलावा बीजेपी के दिग्गज नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी ने भी सरकार को इस मुद्दे पर घेरा है, ऐसे में नोबेल पुरस्कार विजेता अगर मोदी सरकार के इस फैसले को समर्थन करता है तो ये एक बड़ी बात है।
चलिए जानते हैं प्रोफेसर रिचर्ड थेलर के बारे में..

नोटबंदी
थेलर ने पिछले साल नोटबंदी के बाद कहा था कि ये भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का पहला कदम है। उन्होंने ट्वीट कर भारत सरकार के इस फैसले को सही बताया था. थेलर ने ट्वीट में लिखा था, 'ये वो पॉलिसी है जिसका मैंने लंबे समय से समर्थन किया है।

रघुराम राजन
वहीं तब आरबीआई गवर्नर रहे रघुराम राजन ने इस फैसले का विरोध किया था। उन्होंने अपनी किताब आई डू वॉट आई डू: ऑन रिफार्म्स रिटोरिक एंड रिजॉल्व में लिखा था कि नोटबंदी से होने वाले नुकसान के बारे में वो भारत सरकार को पहले ही आगाह कर चुके थे।
‘अर्थशास्त्र के मनोविज्ञान की समझने'
अर्थशास्त्र के नोबल पुरस्कार की दौड़ में लग रहा था कि रघुराम राजन बाजी मार जाएंगे और इस बार ये पुरस्कार भारत ही आएगा लेकिन अमेरिकी प्रोफेसर पुरस्कार अपने नाम कर गए। स्वीडन की विज्ञान अकादमी के सचिव गोएरन हैंसन ने सोमवार (9 अक्टूबर) को कहा कि थेलर को उनकी ‘अर्थशास्त्र के मनोविज्ञान की समझने' पर अध्ययन के लिए 90 लाख क्रोनोर (11 लाख डॉलर) की राशि पुरस्कार स्वरुप दी जाएगी।

मनोवैज्ञानिक व सामाजिक कारकों
थेलर का शोध व्यावहारिक अर्थशास्त्र पर केंद्रित है जो यह पड़ताल करता है कि वित्तीय व आर्थिक बाजारों में किसी व्यक्ति, व्यक्तियों या समूहों द्वारा किए गए फैसलों पर मनोवैज्ञानिक व सामाजिक कारकों का क्या असर रहता है।

फिल्म ‘द बिग शोर्ट'
अर्थशास्त्र की जटिल गुत्थियों व नियम कायदों की पड़ताल के साथ साथ थेलर 2015 में आई फिल्म ‘द बिग शोर्ट' में भी एक केमियो भूमिका में नजर आ चुके हैं












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