कोरोवायरस का कहर झेलने वाले ईरान में अब भूकंप, ज्वालामुखी के करीब आए झटके से लोग दहशत में
तेहरान। कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित ईरान में भूकंप ने लोगों के बीच डर और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। शुक्रवार को ईरान की सबसे ऊंची पहाड़ी दमावंद के करीब आए इस भूकंप में एक की मौत हो गई है। दमावंद में आए भूकंप से राजधानी तेहरान में इमारतें इतनी तेजी हिलने लगीं कि लोग अपने घरों से निकलकर भागने लगे। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक स्थानीय समयानुसार रात करीब 12 बजकर 48 मिनट पर 4.6 की तीव्रता वाला भूकंप आया है।

डरे हुए लोग घरों से निकले बाहर
दमावंद और तेहरान की दूरी करीब 55 किलोमीटर है। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक भूकंप की वजह से तेहरान में लोग इतना डर गए कि जान बचाने के लिए रात को ही अपने घरों से निकल सड़कों और पार्क में आ गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता कियानुश जहानपुर में ट्विटर पर बताया कि भूकंप के झटके में एक व्यक्ति की जान चली गई तो वहीं सात और लोग घायल हो गए हैं। उन्होंने लोगों से शांत रहने और सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देशों का पालन करें।

अक्सर आते रहते हैं ईरान में झटके
यूएसजीएस ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई तक था। इसका केंद्र दक्षिण में माउंट दमावंद था। यह एक ज्वालामुखी पर्वत है जिसकी ऊंचाई 5,671 मीटर है और ईरान का सबसे ऊंचा पहाड़ है। ईरान, टेटोनिक प्लेट्स के टॉप पर है और अक्सर यहां पर झटके आते रहते हैं। 23 फरवरी को यहां के गांव हबाश-ए-ओलाया में आए भूकंप में 23 लोगों की मौत हो गई थी। इसके झटके ईरान से सटी टर्की में भी महसूस किए गए थे।

भूकंप में हो चुकी है 40,000 लोगों की मौत
नवंबर 2017 में ईरान के पश्चिमी प्रांत खेरमानशाह में 7.3 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। उस भूकंप में 620 लोगों की मौत हो गई थी। साल 2003 में 6.6 की तीव्रता का भूकंप दक्षिणी-पूर्वी हिस्से में स्थित बाम सिटी में आया था। उस भूकंप में 31,000 लोगों की मौत हो गई थी। ईरान में सबसे खतरनाक भूकंप साल 1990 में आया था। 7.4 की तीव्रता वाले उस भूकंप में उत्तरी ईरान में 40,000 लोगों की मौत हो गई थी और 30 लाख लोग घायल हो गए थे। करीब पांच लाख लोग बेघर हो गए थे।

भूकंप की वजह से न्यूक्लियर प्लांट पर खतरा
दिसंबर 2019 और इस वर्ष जनवरी में ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के करीब दो भूकंप आए थे। ईरान के पड़ोखी खाड़ी देशों की तरफ से देश के इस इकलौते न्यूक्लियर पवार प्लांट की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है। यह प्लांट करीब 1,000 मेगावॉट बिजली का उत्पादन करता है। अगर कोई बड़ा भूकंप आता है तो फिर यहां से रेडियोएक्टिव लीक में लाखों लोगों की जान जाने का खतरा है।












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