'जॉर्ज सोरोस एक बूढ़ा, अमीर और खतरनाक आदमी है', एंटी मोदी अमेरिकी कारोबारी पर बरसे जयशंकर
जॉर्ज सोरोस ने टेक्निकल यूनिवर्सिटी आफ म्यूनिख (TUM) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, कि पीएम मोदी पर अडानी के स्टॉक में हेरफेर करने का आरोप है और मोदी को जवाब देना होगा।

George Soros News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अनर्गल आरोप लगाने वाले अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने "बूढ़ा, अमीर और कट्टर और खतरनाक" करार दिया है। भारतीय विदेश मंत्री का ये बयान उस वक्त आया है, जब अमेरिकी कारोबारी ने गौतम अडानी को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाने की कोशिश की थी। भारतीय विदेश मंत्री से पहले केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी अमेरिकी कारोबारी पर भड़क चुकी हैं और कह चुकी हैं, कि 'विदेशी ताकत द्वारा भारतीय लोकतंत्र में दखल देना अस्वीकार्य है।'

भारतीय विदेश मंत्री ने क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अडानी समूह और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर की गई टिप्पणियों को लेकर, कारोबारी के बाद परोपकारी बने जॉर्ज सोरोस पर जमकर निशाना साधा और अरबपति निवेशक को "बूढ़ा, अमीर, कट्टर और खतरनाक" कहा है। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में ऑस्ट्रेलियन मीडिया को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, कि सोरोस की टिप्पणियां टिपिकल "यूरो अटलांटिक व्यू" हैं। भारतीय विदेश मंत्री ने ये भी कहा, कि "निश्चित तौर पर लोकतंत्र को लेकर बहस होनी चाहिए, जिसमें दुनिया में लोकतंत्र को पारिभाषित किया जा सके, लेकिन ये ऐसा हो, जो कम से कम यूरो-अटलांटिक हो।"

सोरोस पर बरसे जयशंकर
जयशंकर ने कहा, कि "सोरोस न्यूयॉर्क में बैठे एक पुराने, अमीर और कट्टर व्यक्ति हैं, जो अभी भी सोचते हैं, कि उनके विचारों से यह निर्धारित करना चाहिए, कि पूरी दुनिया कैसे काम करती है"। इसके आगे बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, कि "मैं इतने पर भी रूक जाता, कि वो एक बूढ़े हो चुके अमरी व्यक्ति हैं, लेकिन वो बुढ़े और अमीर होने के साथ साथ एक खतरनाक विचारों वाले व्यक्ति भी हैं।" भारतीय विदेश मंत्री ने ये बातें ऑस्ट्रेलिया में आयोजित सिडनी डायलॉग कार्यक्रम के दौरान भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई के एक सवाल के जवाब में दिया है। उन्होंने कहा, कि भारत के मतदाताओं ने तय किया है, कि "देश कैसे चलना चाहिए"। वहीं, रॉयटर्स के मुताबिक, जयशंकर ने आगे बोलते हुए कहा, कि "यह हमें चिंतित करता है। हम एक ऐसे देश हैं, जो उपनिवेशवाद से गुज़रे हैं और हम जानते हैं कि जब बाहरी हस्तक्षेप होता है तो क्या होता है।"
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'बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं'
इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, कि "हम जानते हैं, कि जब बाहरी हस्तक्षेप होता है तो क्या होता है ... अगर आप इस तरह की डराने वाली बातें करते हैं, जैसे लाखों लोग नागरिकता से वंचित हो जाएंगे, तो यह वास्तव में हमारे सामाजिक ताने-बाने को वास्तविक तौर पुर नुकसान पहुंचाता है। विभिन्न देशों में इसकी अन्य अभिव्यक्तियां हैं, जहां उनके जैसे लोग सोचते हैं, कि हम जिस व्यक्ति को जीतते देखना चाहते हैं, वो जीतते हैं, तो फिर चुनाव अच्छा है और अगर हम जिस व्यक्ति को जीतते देखना चाहते हैं और अगर वो नहीं जीतता है, तो फिर हम कहते हैं, कि यहां के लोकतंत्र में चुनाव त्रुटिपूर्ण है।"

सोरोस ने क्या कहा था?
आपको बता दें, कि अमेरिका के रहने वाले हंगरी मूल के गैर-राजनेता और अरबपति इन्वेस्टर जॉर्ज सोरोस ने शुक्रवार को म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से पहले एक भाषण के दौरान पीएम मोदी और अडानी को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, कि "यह (भारत) एक लोकतंत्र है, लेकिन इसके नेता, नरेंद्र मोदी, कोई लोकतांत्रिक नहीं हैं। मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काना उनके 'उल्कापिंड उदय' का एक महत्वपूर्ण कारक था। मोदी खुले और बंद समाज दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखते हैं।" सोरोस ने आगे कहा था, कि "मोदी और बिजनेस टाइकून अडानी करीबी सहयोगी हैं और उनकी किस्मत आपस में जुड़ी हुई है। अडानी पर स्टॉक हेरफेर का आरोप है और मोदी इस विषय पर चुप हैं, लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों के सवालों का जवाब संसद में देना होगा।"












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