दुबई एक्सपो 2020: भारत ने दिखाई आध्यात्म के साथ अंतरिक्ष की झलक, UAE करेगा $75 अरब निवेश
दुबई एक्सपो से भारत और यूएई के बीच नये और ऐतिहासिक रिश्ते की शुरूआत हो रही है।यूएई के साथ व्यापार में भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है और दोनों देशों ने अब द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है।
दुबई, अक्टूबर 03: दुबई एक्सपो का रंगारंग आगाज हो चुका है और दुबई में भारत ने विश्व का सबसे बड़ा पैवेलियन बनाया है, जहां भारतीय संस्कृति की छटा उकेरी गई है। भारत के पवेलियन में भारत के उभरते क्षेत्रों, मंत्रालयों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जा रहा है, जबकि गुजरात सरकार के मॉडल भी लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। भारत के पवेलियन में भारतीय संस्कृति के साथ साथ भारतीय टेक्नोलॉजी, भारतीय उद्योगों का भी मंचन किया जा रहा है।

एक्सपो में कैसा है भारत का मंच
जैसे ही आप दुबई एक्सपो 2020 में भारत के मंडप में प्रवेश करते हैं, आप अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर और अबू धाबी में निर्माणाधीन हिंदू मंदिर के मॉडल देख सकते हैं, जो दुबई में इस तरह का पहला मंदिर है। अपनी आध्यात्मिक विरासत के प्रदर्शन के साथ ही उसके बगल में अंतरिक्ष ओडिसी में भारत की प्रगति को प्रदर्शित करने वाला बूथ है। भारत के पैवेलियन में दो अलग-अलग मंजिलों पर भारत के उभरते क्षेत्रों, मंत्रालयों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली जानकारियों की प्रदर्शनी लगाई गई है। एक मंजिल देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली विशाल एलसीडी स्क्रीन के साथ भारत की कला, नृत्य और संस्कृति को समर्पित है। हालांकि, उद्योग मंडप में कुछ मुट्ठी भर कंपनियां ही नए ग्राहकों से जुड़ने और व्यापार के नए अवसरों का पता लगाने के लिए भाग ले रही हैं।

यूएई के साथ ऐतिहासिक समझौते
पिछले महीने यूएई के साथ एक व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में भारत का व्यापार काफी अनिवार्य और अलग तरह का होने वाला है। कैबिनेट मंत्री पीयूष गोयल ने इस मौके पर कहा कि, "यूएई पूरे अफ्रीका और दुनिया के कई अन्य हिस्सों का प्रवेश द्वार है। संयुक्त अरब अमीरात में एक विशाल भारतीय प्रवासी और वस्त्र, रत्न और आभूषण, चमड़े के जूते, और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का एक बड़ा बाजार है, जो सभी श्रमिक उन्मुख हैं और भारतीयों को रोजगार देते हैं। वे स्टार्टअप्स को आर्थिक अवसर प्रदान करेंगे। यह एक ऐसी साझेदारी होगी जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगी।"

भारत में 75 अरब डॉलर निवेश
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को दुबई में कहा कि, यूएई सरकार ने भारत में 75 अरब डॉलर के सॉवरेन फंड का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है और दोनों भागीदारों ने स्वच्छ ऊर्जा के लिए साझा दृष्टिकोण साझा किया है क्योंकि दोनों देश सौर ऊर्जा के लिए उपकरणों का निर्माण शुरू करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, ''यूएई सरकार की तरफ से भारत में अपने सॉवरेन फंड से 75 अरब डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। यह संयुक्त अरब अमीरात के दूसरे कारोबारियों के ऊपर भी है, वो अगर चाहें तो भारत में निवेश कर सकते हैं।'' वहीं, हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 15 से ज्यादा सॉवरेन वेल्थ फंड (एसडब्ल्यूएफ) और पेंशन फंड ने इंडियन इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में निवेश करने की इच्छा जताई है, जिसमें 111 लाख करोड़ की नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन शामिल है।

एक्सपो में भारतीय संस्कृति की झलक
गुरुवार को दुबई एक्सपो का उद्घाटन किया गया है और दुनियाभर के सैकड़ों कलाकार अपनी कला की प्रदर्शनी भी कर रहे हैं। भारत की बात करें तो भारतीय मंडप में अबू धाबी में बन रहे विशालकाय राम मंदिर की झलक भी यहां दिखाई गई है और इसका मॉडल लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है। अबू धाबी के मंदिर के ठीक बगल में अयोध्या के राम मंदिर का मॉडल है। इसके अलावा कोणार्क का सूर्य मंदिर, ताज महल, रानी की वन और काशी विश्वनाथ मंदिर की भी झलक दिखाई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अरब सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दुबई एक्सपो में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेजा गया है और यूएई सरकार ने उम्मीद जताई है कि पीएम मोदी उनका आमंत्रण जरूर स्वीकार करेंगे।












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