Donald Trump Speech: डोनाल्ड ट्रंप फिर करेंगे भारत से कारोबारी रिश्ते खराब? भाषण की बड़ी बातें जानें
Donald Trump Speech Key takeaways: रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन (आरएनसी) के चौथे और अंतिम दिन, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के लिए जीओपी नामांकन स्वीकार कर लिया और अब आधिकारिक तौर पर रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार बन गये हैं ।
डोनाल्ड ट्रम्प का परिचय अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप के सीईओ और बिजनेस मोगुल के लंबे समय के दोस्त डाना व्हाइट ने कराया। व्हाइट ने ट्रम्प का परिचय देते हुए कहा, कि "मैं सख्त व्यवसाय में हूं, और यह आदमी सबसे सख्त, सबसे लचीला इंसान है, जिनसे भी मैं अब तक अपने जीवन में कभी मिला हूं।" उन्होंने जोर देकर कहा, कि संयुक्त राज्य अमेरिका "जब ट्रम्प सत्ता में थे, तब बेहतर जगह पर था।"

अपने भाषण में पूर्व राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया, कि अब से चार महीने बाद रिपब्लिकन पार्टी विजयी होगी।
अपना नामांकन स्वीकार करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा, कि "वह पूरे अमेरिका के लिए राष्ट्रपति बनने की रेस में हैं, न कि आधे अमेरिका के लिए।" उन्होंने कहा, "हम इसे सही तरीके से करेंगे।" इसके साथ ही ट्रंप ने आरएनसी में सबसे लंबे सम्मेलन भाषण का रिकॉर्ड भी बनाया। 2016 में उन्होंने सम्मेलन में 1 घंटे 16 मिनट तक भाषण दिया था।
जानलेवा हमले पर फिर कभी नहीं करेंगे बात!
पूर्व राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत अपने ऊपर हुए 'दर्दनाक' हत्या की कोशिश को याद करके की, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का ब्यौरा देते हुए इस बात पर जोर दिया, कि गोली "उनकी जान लेने से एक चौथाई इंच के भीतर" से गुजरी थी।
रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने कहा, कि "आश्चर्यजनक बात यह है कि गोली लगने से पहले, अगर मैंने उस आखिरी क्षण में अपना सिर नहीं हिलाया होता, तो हत्यारे की गोली बिल्कुल निशाने पर लगती और मैं आज रात यहां नहीं होता। हम साथ नहीं होते।"
उन्होंने सीक्रेट सर्विस की बहादुरी की प्रशंसा की, जो इस पूरे मामले को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि "वे अविश्वसनीय लोग हैं। गोलियां हमारे ऊपर से निकल रही थीं, फिर भी मैं शांत महसूस कर रहा था, क्योंकि उस वक्त सीक्रेट सर्विस के एजेंट खुद को खतरे में डाल रहे थे। वे बहुत खतरनाक क्षेत्र में थे। गोलियां उनके ठीक ऊपर से उड़ रही थीं, और वो काफी करीब से बच रहे थे और फिर सब कुछ रुक गया। हमारे सीक्रेट सर्विस स्नाइपर ने बहुत ज्यादा दूरी से और सिर्फ एक गोली का इस्तेमाल करके हत्यारे की जान ले ली, और उसे मार गिराया।"
ट्रंप ने खुद को बताया लोकतंत्र बचाने वाला इंसान
अपने भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर तीखा हमला किया और पार्टी पर "न्याय प्रणाली को हथियार बनाने" का आरोप लगाया। 2020 के चुनाव को पलटने की कोशिश करने के आरोपी बनने के बावजूद, ट्रंप ने खुद को लोकतंत्र का रक्षक बताया।
उन्होंने कहा, कि "हम ईश्वर के अधीन एक राष्ट्र हैं, सभी के लिए स्वतंत्रता और न्याय के साथ अविभाज्य हैं। और हमें असहमति के आधार पर किसी को अपराधी नहीं बनाना चाहिए या राजनीतिक असहमति को शैतानी नहीं बनाना चाहिए, जो कि हमारे देश में हाल ही में एक ऐसे स्तर पर हो रहा है, जिसे पहले कभी किसी ने नहीं देखा। डेमोक्रेटिक पार्टी को तत्काल न्याय प्रणाली को हथियार बनाना और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को लोकतंत्र का दुश्मन बताना बंद कर देना चाहिए।"
उन्होंने कहा, कि "खासकर जब यह सच नहीं है। वास्तव में, मैं ही अपने देश के लोगों के लिए लोकतंत्र को बचा रहा हूँ।" उन्होंने संघीय न्यायाधीश ऐलीन कैनन के क्लासीफाइड दस्तावेज मामले को खारिज करने के फैसले की सराहना की।

रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर क्या बोले?
डोनाल्ड के संबोधन में रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा, कि अगर वे अभी भी पद पर होते तो युद्ध कभी नहीं होता।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि "मैं वर्तमान प्रशासन द्वारा पैदा किए गए हर एक अंतरराष्ट्रीय संकट को समाप्त कर दूंगा - जिसमें रूस और यूक्रेन के बीच का भयानक युद्ध और इजराइल पर हमले के कारण होने वाला युद्ध शामिल है"। आपको बता दें, कि डोनाल्ड ट्रंप इस शुक्रवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की के साथ फोन पर बात करने वाले हैं।
इसके अलावा उन्होंने बाइडेन प्रशासन पर "ईरान को सक्षम बनाने" का आरोप लगाया और दावा किया, कि जब वो सत्ता में थे, तो ये मिडिल ईस्ट देश दिवालिया हो गया था।
ट्रंप ने कहा- आखिरी बार ले रहा हूं बाइडेन का नाम
पूर्व राष्ट्रपति ने एक बार फिर दावा किया, कि 2022 का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव "फर्जी" था। और उन्होंने जोर देकर कहा, कि डेमोक्रेट्स ने "धोखा" देने के लिए कोविड का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, कि "और फिर हमें वह भयानक, भयानक परिणाम मिला, जिसे हम फिर कभी नहीं होने देंगे, चुनाव परिणाम। हम ऐसा फिर कभी नहीं होने देंगे। वे धोखा देने के लिए कोविड का इस्तेमाल करते हैं। आप ऐसा फिर कभी नहीं होने देंगे।"
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में बाइडेन का सिर्फ एक बार नाम लिया और कहा: "मैं उनका नाम सिर्फ एक बार ही लूंगा।"
उन्होंने कहा, कि "अगर आप संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास के 10 सबसे बुरे राष्ट्रपतियों को लें, उन 10 सबसे बुरे राष्ट्रपतियों को जोड़ दें, तो भी वे बाइडेन जितना नुकसान नहीं कर सकते।" उन्होंने अपने राष्ट्रपति अभियान के दौरान अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली लाइन को दोहराते हुए कहा।
ट्रंप ने कहा, कि "मैं अब उनका नाम नहीं लूंगा- सिर्फ एक बार ले रहा हूं। उन्होंने इस देश को जो नुकसान पहुंचाया है, वह अकल्पनीय है। यह अकल्पनीय है।" इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट्स से उनके खिलाफ "पक्षपातपूर्ण विच हंट" को छोड़ने का आग्रह किया।
अप्रवास पर ट्रंप की भड़काऊ टिप्पणी
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी बताया, कि व्हाइट हाउस वापस आने पर वह क्या करना चाहेंगे।
उन्होंने कहा, कि "रिपब्लिकन मंच के केंद्र में इस सीमा दुःस्वप्न को खत्म करने और संयुक्त राज्य अमेरिका की पवित्र और संप्रभु सीमाओं को पूरी तरह से बहाल करने की हमारी प्रतिज्ञा है। हम पहले दिन से ही ऐसा करने जा रहे हैं। इसका मतलब है कि पहले दिन दो चीजें होंगी। "एक- ड्रिल, बेबी, ड्रिल और दूसरी हमारी सीमाएं बंद होंगी।"
आपको बता दें, कि "ड्रिल, बेबी, ड्रिल" तेल उत्पादन बढ़ाने का संदर्भ है। उन्होंने "हमारे देश के इतिहास में सबसे बड़ा निर्वासन अभियान" चलाने की भी कसम खाई है। उन्होंने जोर देकर कहा, कि वह अवैध अप्रवासियों की घुसपैठ को रोकेंगे।
उत्तर कोरिया से लेकर अफ़गानिस्तान तक: ट्रंप ने क्या कुछ कहा?
अपनी विदेश नीति की महत्वाकांक्षाओं को समझाते हुए ट्रंप ने "पूरी दुनिया में स्थिरता" सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। पूर्व राष्ट्रपति ने हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की प्रशंसा की और उन्हें "कठोर" कहा। उन्होंने यह भी कहा, कि उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के साथ उनका तालमेल अच्छा है। उन्होंने कहा, "ऐसे व्यक्ति के साथ तालमेल बिठाना अच्छा है, जिसके पास बहुत सारे परमाणु हथियार हों।"
उन्होंने जोर देकर कहा, कि बाइडेन प्रशासन को "शांतिपूर्ण दुनिया विरासत में मिली है और इसे युद्ध के ग्रह में बदल दिया है। हम युद्ध के ग्रह पर हैं।" उन्होंने कहा, "अफ़गानिस्तान से विनाशकारी वापसी के साथ यह उलझना शुरू हो गया, जो हमारे देश के इतिहास में सबसे बुरा अपमान था।" पूर्व राष्ट्रपति ने आगे कहा, "हमें कभी भी इस तरह का अपमान नहीं झेलना पड़ा।"
कुल मिलाकर, ट्रंप ने एक बार फिर "अमेरिका को फिर से महान बनाने" का संकल्प लिया।
इशारों में भारत पर निशाना?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में साफ शब्दों में कहा, कि कुछ 'सहयोगी' देश हमारे से व्यापारिक संबंधों में काफी छूट से फायदा उठाते हैं, लेकिन अमेरिका को फायदा नहीं देते हैं। इसे एक संकेत माना जा रहा है, कि ट्रंप के कार्यकाल में बाकी मुद्दों पर तो भारत के साथ अमेरिका के संबंध अच्छे रहेंगे, लेकिन कारोबार को लेकर तल्खी आ सकती है। ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी कारोबारी संबंध कुछ हद तक खराब हो गये थे।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप के पहले कार्यकाल में भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस और सिक्योरिटी के मुद्दों पर दोनों देशों के संबंध काफी मजबूत हो गये थे और मोदी सरकार के साथ उनका तालमेल भी काफी अच्छा रहा था, लेकिन कारोबार और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भारत को निराशा हाथ लगी थी।
ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका अपने कारोबारी रिश्ते को बेहतर नहीं कर पाए।
भारत अमेरिका का एक बड़ा कारोबारी पार्टनर है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 5 जून 2019 को कारोबार में GSP (जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफ्रेंस लिस्ट) यानि सामान्य तरजीही व्यवस्था जैसी चीजों पर भारत से अमेरिका जाने वाली सामानों पर टैक्स फ्री ट्रेड को खत्म कर दिया था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इससे अमेरिका में 5.6 अरब डॉलर का भारतीय निर्यात प्रभावित हुआ था। GSP पर सख्ती की वजह से अमेरिका में भारतीय सामान महंगे हो गये थे।
भारत अमेरिका को रत्न, आभूषण, चावल, चमड़ा और कुछ डिफेंस के सामान बेचता है।












Click it and Unblock the Notifications