'उन्होंने हीरो की तरह दुनिया को कहा अलविदा', काबुल ब्लास्ट में शहीद जवानों को ट्रंप ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली, 27 अगस्त: अफगानिस्तान पर तालिबान ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है। साथ ही वहां से अमेरिकी सैनिकों की वापसी भी जारी है। इस बीच गुरुवार शाम काबुल एयरपोर्ट के बाहर एक बड़ा धमाका हुआ, जिसमें 100 से ज्यादा लोग मारे गए। मृतकों में 13 अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं। ऐसे में अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की दुनियाभर में आलोचना हो रही है। साथ ही उनकी अफगानिस्तान नीति पर भी सवाल उठाए जा रहे। इस बीच पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बाइडेन पर हमला बोला है।

काबुल हमले के एक दिन बाद ट्रंप ने कहा कि ये त्रासदी कभी नहीं होनी चाहिए थी। अगर मैं अमेरिका का राष्ट्रपति होता तो वो हमला कभी नहीं होता। उन्होंने आगे कहा कि एक राष्ट्र के रूप में अमेरिका अफगानिस्तान में एक क्रूर और बर्बर आतंकवादी हमले में जवानों को हुए नुकसान का शोक मनाता है। वहां पर शहीद हुए महान योद्धाओं ने कर्तव्य के लिए अपनी जान गंवा दी।
ट्रंप के मुताबिक अमेरिकी नौसैनिक अपने देश से बहुत प्यार करते थे। जिस वजह से उन्होंने अपनी जान बुर्कान कर दी। उसमें से बहुत से जवान ऐसे थे, जो हमले के वक्त आम नागरिकों को बचाने में जुटे थे। सभी 13 जवानों ने एक हीरो की तरह दुनिया को अलविदा कहा। उसके लिए हमारा देश सदा उनका आभारी रहेगा।
लगातार दो ब्लास्ट
काबुल एयरपोर्ट के बाहर गुरुवार शाम को चार विस्फोट हुए। जिसमें 103 लोगों की मौत हुई है, जबकि 143 लोग घायल बताए जा रहे। इसमें से एक विस्फोट वहां हुआ, जहां पर अमेरिकी सैनिक रुके हुए थे। पेंटागन के मुताबिक ब्लास्ट में 12 जवान और एक सैन्य डॉक्टर शहीद हुए, जबकि 18 अन्य जवान घायल हैं। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है।
क्या कह रहे बाइडेन?
घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विस्फोट करने वालों को हम माफ नहीं करेंगे, हम भूलेंगे नहीं, इसकी कीमत उन्हें चुकानी होगी। उन्हें कहीं से भी ढूंढ़कर मारेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि हमें तालिबान और इस्लामिक स्टेट के बीच किसी भी तरह की मिलीभगत के सबूत अभी तक नहीं मिले हैं।












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