'मेरे दिमाग पर किताब लिखने वाले निकम्मे को मिलेगा', मुझे नहीं! Nobel Prize के लिए ट्रंप ने ऐसा क्यों कहा?
Donald Trump Nobel Peace Prize: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिला तो ये न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे अमेरिका के लिए एक बड़ा अपमान होगा। ट्रंप का यह बयान 10 अक्टूबर को इस वर्ष के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा से ठीक पहले आया है।
वह दावा करते हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में अब तक सात बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्ष खत्म कराए हैं। यदि गाजा संघर्ष भी थम जाता है, तो यह उनकी आठवीं ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। ट्रंप लंबे समय से नोबेल पुरस्कार की चर्चा करते रहे हैं और अक्सर ओबामा के नोबेल जीतने पर भी सवाल उठाते रहे हैं।

ट्रंप ने क्या-क्या कहा: आठ संघर्ष और नोबेल की कसौटी
ट्रंप ने मंगलवार को वर्जीनिया स्थित क्वांटिको सैन्य मुख्यालय में अधिकारियों से बातचीत के दौरान अपने दावों को दोहराया। उन्होंने कहा, 'हमने गाजा मुद्दे को लगभग सुलझा लिया है। अब देखना है कि हमास मानता है या नहीं। अगर वह नहीं मानता तो उनके लिए हालात मुश्किल हो जाएंगे।' ट्रंप ने इसे एक बड़ी कूटनीतिक जीत बताया, क्योंकि इस पर सभी अरब और मुस्लिम देशों ने सहमति दी है और इजराइल भी राजी है। उन्होंने कहा, 'सोचिए, आठ संघर्षों को आठ महीनों में खत्म करना कोई मामूली बात है? लेकिन मुझे नोबेल नहीं मिलेगा। यह सम्मान किसी ऐसे व्यक्ति को दे दिया जाएगा जिसने कुछ किया ही नहीं या फिर किसी लेखक को जो ट्रंप के दिमाग पर किताब लिख दे और मेरी मेहनत की कहानी बेच दे।'
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'व्यक्तिगत नहीं, राष्ट्र का अपमान होगा
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि नोबेल न मिलना उनके लिए व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि यह 'पूरे राष्ट्र का अपमान' होगा। उन्होंने कहा, 'मैं यह पुरस्कार अपने लिए नहीं चाहता। यह अमेरिका को मिलना चाहिए क्योंकि ऐसी उपलब्धि दुनिया ने कभी नहीं देखी।' ट्रंप के अनुसार, 'आठ संघर्ष सुलझाना किसी चमत्कार से कम नहीं है और इन उपलब्धियों को मान्यता न मिलना अमेरिकी वैश्विक नेतृत्व का अनादर होगा। यह बयान उनके इस विश्वास को दर्शाता है कि उनके प्रशासन ने वैश्विक शांति और स्थिरता में अभूतपूर्व योगदान दिया है।'
सात देशों द्वारा नामांकन और नोबेल की गोपनीयता
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक सात देशों ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है। इन देशों में पाकिस्तान, इजरायल, अजरबैजान, आर्मेनिया, कंबोडिया, रवांडा और गैबॉन शामिल हैं। हालांकि, नोबेल समिति की परंपरा के मुताबिक, नामांकन की आधिकारिक जानकारी 50 वर्षों तक सार्वजनिक नहीं की जाती, इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि करना संभव नहीं है। ट्रंप के लगातार सार्वजनिक बयान, विशेष रूप से पूर्व प्राप्तकर्ताओं से अपनी तुलना करना, नोबेल पुरस्कार की घोषणा से पहले इस मुद्दे को चर्चा का विषय बनाए रखते हैं।
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