Trump India Tariffs: भारत पर लगेगा एक्स्ट्रा टैरिफ? India-US ट्रेड डील पर उठे सवाल तो ट्रंप ने बता दिया प्लान
Donald Trump India Tariffs 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों और टैरिफ को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के 'वैश्विक टैरिफ' के फैसले को रद्द करने के बावजूद, राष्ट्रपति ने साफ किया है कि भारत के साथ हुई उनकी हालिया व्यापारिक डील पर कोई आंच नहीं आएगी।
बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ पर मिले झटके के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कांफ्रेंस करके स्पष्ट कर दिया है कि भारत के साथ व्यापारिक संबंधों में अमेरिका अब 'अपर हैंड' यानि मजबूत स्थिति में है।

व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ हुआ व्यापारिक समझौता (Framework Agreement) बरकरार है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना 'शानदार दोस्त' बताया, लेकिन व्यापार के मोर्चे पर अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को दोहराया।
Trump India Trade Deal: US SC फैसले के बाद बोले ट्रंप- हमने बाजी पलट दी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि कुछ भी नहीं बदला है। भारत टैरिफ चुकाता रहेगा और हम नहीं चुकाएंगे। पीएम मोदी एक महान व्यक्ति हैं, लेकिन व्यापार के मामले में वे अमेरिका के पिछले नेताओं से कहीं ज्यादा स्मार्ट निकले। वे हमें नुकसान पहुंचा रहे थे, इसलिए हमने भारत के साथ एक नई डील की। अब हम उन्हें शुल्क नहीं दे रहे हैं, बल्कि वे हमें दे रहे हैं। हमने बाजी पलट दी है।
Russia Oil India Trade Deal: रूसी तेल और 25% जुर्माने पर क्या बोले ट्रंप
ट्रंप ने भारत-रूस संबंधों पर भी बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के दबाव के बाद भारत ने रूस से तेल खरीद काफी हद तक कम कर दी। भारत रूस से तेल ले रहा था, लेकिन मेरे अनुरोध पर उन्होंने इसे काफी हद तक रोक दिया। हम एक भयानक युद्ध को खत्म करना चाहते हैं, जहां हर महीने 25 हजार लोग मारे जा रहे हैं।
ट्रंप ने याद दिलाया कि उन्होंने भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए 25% का अतिरिक्त Tariff लगाया था। ट्रंप का दावा है कि उनके अनुरोध पर भारत ने रूस से तेल खरीदना काफी कम कर दिया है। 6 फरवरी 2026 को हुई डील के तहत, भारत द्वारा रूसी तेल कम करने और $500 बिलियन के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता के बाद, अमेरिका ने टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया था। हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विपक्ष का हमला, पी. चिदंबरम ने उठाए सवाल
भारत में विपक्षी दल कांग्रेस ने इस डील की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा एकतरफा रियायतें हैं। चिदंबरम का आरोप है कि भारत ने अमेरिका को कई रियायतें दी हैं (जैसे $500 बिलियन का आयात और रूसी तेल न खरीदना), लेकिन बदले में भारत को कुछ खास नहीं मिला।
कांग्रेस नेता ने पूछा कि यदि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया है, तो क्या भारत और अमेरिका 2 अप्रैल 2025 वाली पुरानी स्थिति (Status Quo Ante) में नहीं लौट जाएंगे? उन्होंने सरकार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है।
क्या बदल जाएगी भारत-अमेरिका डील की शर्तें?
फिलहाल, अमेरिका में भारतीय अधिकारियों की एक टीम ट्रेड फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने के लिए मौजूद है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले, ट्रंप के बयानों और कांग्रेस के सवालों के बीच यह साफ नहीं है कि 6 फरवरी को घोषित भारत-अमेरिका 'डील' का भविष्य क्या होगा।
जहां ट्रंप इस डील को अमेरिका की बड़ी जीत बता रहे हैं, वहीं भारतीय पक्ष अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के विस्तृत आदेश का अध्ययन कर रहा है। यदि ट्रंप के टैरिफ को कानूनी रूप से पूरी तरह खत्म माना जाता है, तो भारत पर लगा 18% का मौजूदा टैरिफ भी संकट में पड़ सकता है, जिससे व्यापारिक समीकरण एक बार फिर बदल सकते हैं।
अब सबकी नजर भारत सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी है क्या सरकार ट्रंप के दावों की पुष्टि करेगी या इन पर सफाई देगी? साथ ही यह भी देखना अहम होगा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर वास्तविक असर क्या पड़ता है।












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