Donald Trump ने पार की हदें, जापान की पीएम के बगल बैठकर उड़ाया मजाक, असहज हुईं Sanae Takaich, देखें Video
Donald Trump Humiliates Japan PM: मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच जापान की प्रधानमंत्री सनई तकाइची अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने अमेरिका 19 मार्च (गुरुवार) को पहुंची। दोनों की ये बैठक ऐसे समय में हुई जब ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा में मदद के लिए सहयोगी देशों से समर्थन मांगा है और उनकी प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है।
व्हाइट हाउस में जापान की पीएम के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में ट्रंप ने सारी हदें पार कर दी। ट्रंप ने जापानी पत्रकार के सवाल का जवाब देते समय ऐसा मज़ाक किया कि जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची असहज स्थिति में दिखाई दीं। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है और यूजर्स ट्रंप के इस व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं।

पत्रकार ने ट्रंप से क्या पूछा सवाल?
पत्रकार ने ट्रंप से सीधे पूछा कि ईरान पर हमला करने से पहले अमेरिका ने जापान और अन्य सहयोगियों को क्यों नहीं सूचित किया। उन्होंने कहा, "जापान और अमेरिका बहुत अच्छे दोस्त हैं। लेकिन आपने हमें युद्ध के बारे में क्यों नहीं बताया? हम बहुत भ्रमित हैं।"
ट्रंप ने क्या दिया जवाब?
ट्रंप ने जवाब में कहा कि किसी को संकेत देना उनका उद्देश्य नहीं था क्योंकि उनका लक्ष्य 'गुपचुप हमला' करना था। इसके बाद उन्होंने अप्रत्याशित और विवादास्पद अंदाज़ में कहा, "सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है? आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?"
क्यों ट्रंप ने पर्ल हार्बर का जिक्र?
इस मज़ाक का संदर्भ जापान द्वारा 7 दिसंबर 1941 को ओआहू, हवाई में अमेरिकी नौसैनिक पर्ल हार्बर पर किए गए अचानक हमले की ओर था। उस हमले में 2,403 अमेरिकी सैनिक और नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हुआ।
ट्रंप का यह तात्कालिक मज़ाक कुछ दर्शकों को हंसी का कारण बना, लेकिन प्रधानमंत्री तकाइची असहज नजर आईं और उन्होंने चेहरे पर मुस्कराहट बनाए रखने के लिए संघर्ष करती नजर आईं।
अमेरिका और जापान के अप्रत्याशित हमलों से हो चुका है भारी नुकसान
इतिहास में अमेरिका और जापान दोनों ने अप्रत्याशित हमलों में बड़ी क्षति पहुंचाई। अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए, जिसमें 200,000 से अधिक नागरिक मारे गए। वहीं जापान के पर्ल हार्बर हमले के बाद अमेरिका में जापान विरोधी नस्लवाद का उभार हुआ, और लगभग 1,20,000 जापानी अमेरिकी नागरिकों को जबरन शिविरों में नजरबंद किया गया।
ट्रंप का यह व्यवहार उनके विदेशी मेहमानों और पत्रकारों के साथ विवादास्पद शैली को उजागर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मज़ाक न केवल संवेदनशील इतिहास को छूते हैं बल्कि राजनीतिक कूटनीति पर भी असर डाल सकते हैं।












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