राष्‍ट्रपति ट्रंप की वजह से मिला अफगानिस्‍तान की लड़कियों को अमेरिका का वीजा

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की लगातार अपीलों के बाद अधिकारियों को झुकना पड़ा। अमेरिकी अधिकारियों ने इंटरनेशनल रोबोटिक कॉन्‍टेस्‍ट के लिए अफगानिस्‍तान की छह लड़कियों को वीजा देकर इस कॉन्‍टेस्‍ट में हिस्‍सा लेने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अमेरिका में पिछले कुछ दिनों से जारी विवाद पर लगाम लग गई है। व्‍हाइट हाउस प्रवक्‍ता सारा हुकाबे सैंडर्स ने इस खबर की पुष्टि की है।

राष्‍ट्रपति ट्रंप की वजह से मिला अफगानिस्‍तान की लड़कियों को अमेरिका का वीजा

अब जाएंगी रोबोट कॉन्‍टेस्‍ट के लिए अमेरिका

होमलैंड सिक्‍योरिटी के प्रवक्‍ता डेविड लापन ने कहा कि अमेरिकी नागरिक और अप्रवासन सेवाओं की ओर से विदेश विभाग का वह अनुरोध मान लिया गया है जिसमें छह अफगान लड़कियों को उनकी अभिभाविका के साथ देश में आने की मंजूरी देने की बात कही गई थी। इन लड़कियों की वीजा की एप्‍लीकेशन को दो बार खारिज किया जा चुका था। हालांकि विदेश विभाग ने इस बात की जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया कि आखिर इन लड़कियों की वीजा एप्‍लीकेशन को क्‍यों खारिज किया गया था। विदेश विभाग का कहना है कि सभी वीजा एप्‍लीकेशन को अमेरिकी कानून के मुताबिक केस के हिसाब से स्‍थगित किया जाता है। ट्रंप प्रशासन के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा कि राष्‍ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे को अपने नेशनल सिक्‍योरिटी एडवाइजर (एनएसए) एचआर मैकमास्‍टर के सामने उठाया था। ट्रंप जब पिछले हफ्ते जी-20 समिट में भाग लेने के लिए जर्मनी गए हुए थे तो उन्‍होंने इस बारे में एनएसए से बात की थी।

पिछले छह माह से कर रही थीं मेहनत

अफगानिस्‍तानी लड़कियां इस कॉन्‍टेस्‍ट के जरिए दुनिया को दिखाना चाहती थीं कि अफगान नागरिक हाथ से रोबोट बना सकते हैं। जब इन लड़कियों को वीजा के लिए इनकार किया गया तो ये सभी काफी दुखी थीं। इस टीम में शामिल 14 वर्ष की सुमाया फारूकी कहती हैं, 'जब हमनें सुना कि हमें वीजा देने से इनकार कर दिया गया तो हमनें सारी उम्‍मीदें छोड़ दी थीं। हमनें फिर से अप्‍लाई किया और हमें फिर से इनकार सुनना पड़ा।' फारूकी और उनकी दोस्‍तों के रास्‍ते में कई बाधाएं आईं। उन्‍हें छह माह का समय लगा तब जाकर वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हो पाई थीं। पूरे हफ्ते कड़ी मेहनत से उन्‍होंने एक ऐसा रोबोट तैयार किया था जो गेंदों को एक क्रम में लगा पाता है और जिसमें नारंगी और नीले रंग को पहचानने की क्षमता है। इसके अलावा वह सही जगह तक जाने के लिए रास्‍ते में आने वाली रुकावटों को भी हटा सकता है। ये सभी लड़कियां हेरात की रहीने वाली हैं। कॉन्‍टेस्‍ट के लिए अपने परिवारवालों को राजी करने में इन्‍हें काफी मशक्‍कत करनी पड़ी। अफगानिस्‍तान दुनिया का वह देश है जहां पर पढ़ाई-लिखाई में बेहतर लड़कियों के कौशल बिल्‍कुल भी तवज्‍जो नहीं दी जाती है, खासतौर पर गणित और विज्ञान जैसे विषयों में। 

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English summary
US President Donald Trump helps to grant rejected Afghan girls entry to U.S. for robotics contest.
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