ट्रंप सरकार ने US में नौकरी का सपना देख रहे भारतीयों को दिया झटका, H-1B वीजा पर लगाए नए प्रतिबंध
नई दिल्ली। अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने एच-1बी वीजा पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। यूएस सरकार द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह फैसला अमेरिकी श्रमिकों की सुरक्षा, अखंडता को बहाल करना और उन्हें इस बात से आश्वस्त करने के लिए करने के लिए लिया गया है कि H-1B के लिए आवेदन सिर्फ योग्य लाभार्थियों और आवेदकों को ही मंजूरी दी जाएगी। ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले से हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों के प्रभावित होने की संभावना है।

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गौरतलब है कि अमेरिका में अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव होने है, ट्रंप सरकार द्वारा H-1B वीजा पर लगाए गए नए प्रतिबंधों को राजनीतिक फायदे के रूप में ही देखा जा रहा है। H-1B वीजा के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी युवाओं का भरोसा जीतना चाहते हैं। बता दें कि इससे पहले भा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीजा के नियमों में बदलाव करते हुए कुछ प्रतिबंध लगाए थे लेकिन पिछले सप्ताह ही अमेरिका में एक संघीय जज ने ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीजा पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंधों को रोक दिया था।
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से चार हफ्ते से भी कम समय पहले मंगलवार को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग द्वारा घोषित अंतरिम नियम, 'विशेष व्यवसाय' की परिभाषा को संकीर्ण कर देगा, क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस ने ओवरब्रॉड की परिभाषा को बंद कर दिया था, जिसने सिस्टम को चलाने के लिए कंपनियों को अनुमति दी। नए प्रतिबंधों के मुताबिक खामियों को बंद करके और अमेरिकी श्रमिकों के विस्थापन को रोकना होगा। इसके लिए कंपनियों को अब वास्तविक ऑफर 'अमेरिकी कर्मचारियों' को ही देना होगा। बता दें कि H1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को विशेष व्यवसायों में नियुक्त करने की अनुमति देता है जिन्हें सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है। इस वीजा के जरिए प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल दसियों हजार कर्मचारियों की भर्ती करती हैं।












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