डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आईटी कंपनियों के लिए फायदेमंद एच-1बी वीजा पर शुरू की सख्ती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंपनियों को जारी किए आदेश और एच-1बी वीजा पर सख्त किए नियम। कंपनियों से वीजा के जरिए हो रही धोखाधड़ी को रोकने और अमेरिकी कामगारों को तरजीह देने के निर्देश।
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब अपने उस वादे को पूरे करने की ओर से कदम बढ़ा दिए हैं, जिसका वादा उन्होंने वर्ष 2016 के दौरान अपने चुनावी अभियान में किया था। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कामगारों को तरजीह देने और उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए एच-1बी वीजा पर सख्ती कर दी है।

कंपनियों को दी गई चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने एच-1बी वीजा प्रोग्राम पर कड़ी कार्यवाही कर दी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह वीजा प्रोग्राम अमेरिकी नागरिकों के खर्चे पर विदेशी कामगारों का भला करता है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन ने अब इस नीति में बदलाव किया है। यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज एजेंसी ने शुक्रवार को अमेरिकी कंपनियों के विदेशों से एच-1बी वीजा पर टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाने पर सख्ती कर दी है। सोमवार को एजेंसी की ओर से एक मेमो जारी किया गया है इसमें कहा गया है कि प्रोग्राम 'धोखे वाला और दुरुपयोग' नियमों वाला प्रोग्राम है। अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से कंपनियों को चेतावनी दी गई है कि जो लोग इस वीजा के लिए अप्लाई कर रहे हैं, वे अमेरिकी नागरिकों से भेदभाव नहीं करेंगे। वहीं अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी की ओर से भी सोमवार को इस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि ट्रंप इस कार्यक्रम पर और सख्त होने वाले हैं। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कियह एच1बी वीजा सिस्टम को और जवाबदेह बनाने और उसमें पारदर्शिता लाने के लिए पहला अहम कदम है।
ट्रंप खत्म करेंगे लॉटरी सिस्टम भी
राष्ट्रपति ट्रंप ने वादा किया था कि वह एच-1बी वीजा के लॉटरी सिस्टम को खत्म कर देंगे जिसकी वजह से वीजा के लिए अप्लाई करने वालों को एक बेहतर मौका मिलता था। अमेरिका की ओर से हर वर्ष 65,000 एच-1वीजा जारी किए जाते हैं जिसका सबसे ज्यादा फायदा भारतीयों को मिलता आया है। इस वीजा का प्रयोग करने वाली कंपनियों के लॉबिस्ट्स को उम्मीद थी कि ट्रंप लॉटरी सिस्टम को और बेहतर करेंगे ताकि बेहतर क्षमता वाले लोगों को अमेरिका में प्राथमिकता दी जा सके। वित्तीय वर्ष 2018 के लिए सोमवार को लॉटरी खुली है और इसमें कोई बदलाव नहीं है। इस लॉटरी पर नजर रख रहे लोगों को उम्मीद थी कि वीजा सिस्टम में बदलाव के ट्रंप के ऐलान की वजह से इसमें देर हो सकती है। इस प्रोग्राम को वर्ष 1990 में उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सीनियर ने लॉन्च किया था।इसका मकसद अमेरिकी फर्म की मजदूरों की कमी से निबटने में मदद करना था। अमेरिका में उस समय नौकरियां बढ़ रही थीं लेकिन उनके के लिए खास तरह के कौशल जैसे सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग, रिसर्च और इंजीनियंरिंग को करने के लिए लोग नहीं थे।












Click it and Unblock the Notifications