शी जिनपिंग के दवाब में ट्रंप की निकली हेकड़ी, भारी भरकम टैरिफ से चीन को दी इतने महीने की दी राहत
Donald Trump China tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाली चीज़ों पर लगने वाले टैक्स (टैरिफ) को अगले 90 दिनों के लिए बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर इसका ऐलान किया। ट्रंप, जो पहले चीन पर कड़े टैक्स लगाकर दबाव बनाते थे, अब व्यापार बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इस फैसले के बाद ऐसा लग रहा है कि ट्रंप को चीन के दबाव के आगे हार माननी पड़ी है।
टैरिफ को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति को आखिरकार चीन की ताकत और दबाव के आगे अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। यह निलंबन अमेरिका और चीन के बीच हाल ही में स्टॉकहोम में हुई बातचीत के बाद आया है, जिससे दोनों देशों को विवाद सुलझाने के लिए और वक्त मिल गया है।

अमेरिकी सरकार ने जारी किया नया आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर बताया कि, उन्होंने इस फैसले के लिए नया आदेश जारी कर दिया है। इससे पहले जो टैक्स लगाने से रोक थी, उसकी अवधि खत्म होने वाली थी, लेकिन अब यह आगे बढ़ा दी गई है। बाकी नियम वैसे ही रहेंगे।
दोनों देशों के बीच हुई बैठक
अमेरिका और चीन के व्यापार प्रतिनिधि मई में जिनेवा में मिले थे और लगभग सभी टैक्स को 90 दिन के लिए रोकने पर सहमति दी थी। यह रोक मंगलवार को खत्म हो रही थी। अगर यह रोक खत्म हो जाती, तो चीन से आने वाली चीज़ों पर 30% तक के ज्यादा टैक्स लग जाते। चीन भी जवाब में अमेरिका से आने वाली चीज़ों पर टैक्स बढ़ा सकता था। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता था और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता।
चीन के दबाव में झुके ट्रंप
यह टैक्स विवाद कई सालों से जारी है और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल रहा है। अप्रैल में चीन से आने वाली चीज़ों पर टैक्स 145% तक पहुंच गया था, वहीं अमेरिका में भी यह 125% तक था। व्यापार वार्ता के दौरान इस टैक्स पर रोक लगाई गई थी ताकि दोनों देश बातचीत के ज़रिए समाधान निकाल सकें। अब हाल ही में स्टॉकहोम में हुई बातचीत के बाद इस रोक को और 90 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। साफ दिख रहा है कि इस बार ट्रंप झुक गए और चीन के दबाव में अपनी सख्ती कम करनी पड़ी।
शी जिनपिंग और ट्रंप की हो सकती है मुलाकात
यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल के अंत तक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच कोई बड़ी बैठक हो सकती है, जिसमें यह विवाद सुलझ सकता है। इस व्यापार युद्ध का असर भारत जैसे कई देशों पर भी पड़ा है क्योंकि दुनिया भर की सप्लाई चेन और व्यापार प्रभावित हुए हैं। ट्रंप का यह फैसला बाजारों के लिए तो राहत लेकर आया है, लेकिन दोनों देशों के बीच लंबे समय तक मजबूत और स्थिर रिश्तों को लेकर अभी भी काफी अनिश्चितता बनी हुई है। इस फैसले से साफ दिख गया कि ट्रंप की हेकड़ी अब निकल गई है।
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