डोनाल्ड ट्रंप के 25% ऑटो टैरिफ से कौन सी 5 भारतीय कंपनियां होंगी सबसे ज्यादा प्रभावित, पढ़ें हर डिटेल
US President Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी ऑटो आयात पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यानी अब अमेरिका आने वाली कारों और कारों के पार्ट्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नया टैरिफ 2 अप्रैल 2025 से लागू हो जाएगा। वहीं कारों के पार्ट्स पर यह टैरिफ मई या इसके बाद शुरू होंगे।
ट्रंप ने दावा किया है कि उनके इस कदम से कार इंडस्ट्री में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। डोनाल्ड ट्रंप के 25% ऑटो टैरिफ से टाटा मोटर्स, आयशर मोटर्स, सोना बीएलडब्ल्यू और संवर्धन मदरसन जैसी भारतीय कंपनियां प्रभावित होंगी। 25% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद भारत की टाटा मोटर्स और देश की ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनियां, जो टेस्ला सहित अन्य को आपूर्ति करती हैं, उनके शेयर भी गिर गए हैं।

जगुआर लैंड रोवर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर!
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, ये कंपनियां यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन को ऑटो कलपुर्जे निर्यात करती हैं, जो अमेरिका को वाहन की आपूर्ति करते हैं। टाटा मोटर्स का अमेरिका को सीधे तौर पर निर्यात नहीं करता है। लेकिन इसकी सहायक कंपनी (सिस्टर कंपनी) जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) की अमेरिकी बाजार में मजबूत पकड़ है।
जेएलआर की वित्त वर्ष 24 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में इसकी कुल बिक्री का 22 प्रतिशत हिस्सा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 24 में, जेएलआर ने दुनिया भर में लगभग 400,000 वाहन बेचे, जिसमें अमेरिका इसके टॉप मार्केट में से एक था।
अमेरिका में बेची जाने वाली कंपनी की गाड़ियां मुख्य रूप से यूके और अन्य अंतरराष्ट्रीय संयंत्रों में निर्मित होती हैं, जो अब 25 प्रतिशत टैरिफ के तहत होंगी।
आयशर मोटर्स भी होंगी प्रभावित!
इस बीच रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका इसके 650 सीसी मॉडल के लिए एक अहम बाजार है।
भारत के अग्रणी ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं में से एक के रूप में, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड की यूरोप और अमेरिका दोनों में मजबूत उपस्थिति है।
यह टेस्ला और फोर्ड सहित प्रमुख अमेरिकी वाहन निर्माताओं को पार्ट्स की आपूर्ति करता है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और यूरोप में स्थापित विनिर्माण इकाइयों के साथ, कंपनी आयात शुल्क के प्रभाव से अपेक्षाकृत सुरक्षित है, जबकि केवल निर्यात पर निर्भर रहने वाली कंपनियां ऐसा नहीं करती हैं।
सोना कॉमस्टार ऑटोमोटिव सिस्टम और कंपोनेंट बनाती है, जिसमें डिफरेंशियल गियर और स्टार्टर मोटर शामिल हैं। कंपनी को अपना लगभग 66 प्रतिशत राजस्व अमेरिका और यूरोपीय बाजारों से मिलता है।
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