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क्या नोटों से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, WHO ने दी ये चेतावनी

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लंदन। कोरोना वायरस ने भारत समेत दुनिया के 60 देशों में कहर बरपाया हुआ है। अभी तक यह नहीं पता लग सका है कि आखिर यह वायरस कैसे फैल रहा है। इस बीच विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍लूएचओ) ने कहा है कि गंदे बैक नोट इस वायरस के फैलने की बड़ी वजह हो सकते हैं। डब्‍लूएचओ ने कहा है कि लोगों को कोशिश करनी चाहिए कि वे कैशलेस ट्रांजेक्‍शन या किसी तरह के कॉन्‍टैक्‍ट के बिना पेमेंट का प्रयोग करें।

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चीन और कोरिया ने उठाए थे यह कदम

चीन और कोरिया ने उठाए थे यह कदम

यूनाइटेड नेशंस (यूएन) के तहत आने वाले डब्‍लूएचओ ने कहा है कि बैंक नोट को छूने से पहले ग्राहक अपने हाथ अच्‍छे से धो लें क्‍योंकि कोविड-19 नोट की सतह पर कई दिनों तक जिंदा रह सकता है। डब्‍लूएचओ के प्रवक्‍ता की तरफ से कहा गया है कि बीमारी को फैलने से रोकने के लिए लोगों को जहां तक संभव हो कॉन्‍टैक्‍ट लेस टेक्‍नोलॉजी का प्रयोग करना चाहिए। बैंक ऑफ इंग्‍लैंड ने भी इस बात को माना है कि नोट वायरस के वाहक हो सकते हैं, ऐसे में लोगों को अपने हाथ लगातार धोते रहने चाहिए। डब्‍लूएचओ की तरफ से यह बात उस समय कही गई है जब चीन और कोरिया में पिछले माह बैंक नोटों को वायरस से मुक्‍त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। दोनों ही देशों में प्रयोग में आ चुके नोटों को आइसोलेट करना शुरू किया गया था।

नोटों को किया गया वायरस से मुक्‍त

नोटों को किया गया वायरस से मुक्‍त

चीन और कोरिया की तरफ से वायरस को फैलने से रोकने के लिए यह प्रयास किया गया था। अधिकारियों ने उस समय अल्‍ट्रावॉयलेट लाइट या हाई टेम्‍प्रेचर का प्रयोग कर बिल का स्‍टरलाइज किया था। 14 दिनों तक पूरी तरह से सील्‍ड स्‍टोर में रहने के बाद ही नोट सर्कुलेशन में आ सके थे। बैंक ऑफ इंग्‍लैंड से जुड़े सूत्रों की ओर से बताया गया है कि फिलहाल ब्रिटेन में चीन या कोरिया की तरह कुछ करने की कोई योजना नहीं है। वहीं डब्‍लूएचओ ने कहा है कि ब्रिटेन में लोगों को उस समय सावधानी बरतनी चाहिए जब संक्रमित हो चुके नोटों को उन्‍हें छुआ हो।

हाथ को अच्‍छे से साफ करें, मुंह को हाथ न लगाएं

हाथ को अच्‍छे से साफ करें, मुंह को हाथ न लगाएं

डब्‍लूएचओ के प्रवक्‍ता से जब पूछा गया कि क्‍या बैंक नोट की वजह से भी कोरोना वायरस फैल सकता है? इस पर डब्‍लूएचओ के प्रवक्‍ता ने जवाब दिया, 'हां यह संभव है। हमें मालूम है कि पैसा कई हाथों से होकर गुजरता है और किसी भी तरह के बैक्‍टीरिया या फिर वायरस से किसी भी पल संक्रमित हो सकता है।' उन्‍होंने आगे कहा कि डब्‍लूएचओ लोगों को सलाह देना चाहेगा कि बैंक नोट के संपर्क में आने के बाद वह अपने हाथों को अच्‍छे से धो लें और अपने मुंह को छूने से बचें। संभव हो तो कैशलेस ट्रांजेक्‍शन को बढ़ावा दें।

नौ दिनों तक जिंदा रह सकता है वायरस!

नौ दिनों तक जिंदा रह सकता है वायरस!

अभी तक यह बात भी साबित नहीं हो सकी है कि इंसान के शरीर के बाहर कोई नया कोरोना वायरस कितने समय तक जिंदा रह सकता है। 22 अलग-अलग अध्‍यनों जिसमें सार्स और मार्स से जुड़े अध्‍ययन भी शामिल हैं, उनके आधार पर जर्नल ऑफ हॉस्पिटल इनफेक्‍शन की तरफ से कहा गया है कि इंसान में कोरोना वायरस नौ दिनों तक रूम टेम्‍प्रेचर में जिंदा रह सकता है। हालांकि यह भी सही है कि समान कीटाणुनाशक प्रयोग करने और साथ ही ज्‍यादा तापमान पर यह वायरस तुरंत ही निष्क्रिय हो जाता है।

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English summary
Dirty banknotes spreading Coronavirus says WHO.
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