सचिन तेंदुलकर ने की थी टैक्स हेवंस वाली संपत्ति बेचने की कोशिश? ब्लैक मनी छिपाने पर 'पैंडोरा पेपर्स' का खुलासा
117 देशों के 600 से ज्यादा पत्रकारों और 140 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन ने कई महीनों तक काम करने के बाद विश्व के सैकड़ों नेताओं और अमीर हस्तियों को एक्सपोज कर दिया है।
नई दिल्ली, अक्टूबर 04: भारतीय क्रिकेट सुपरस्टार सचिन तेंदुलकर, जो संसद में राज्य सभा के सदस्य भी रह चुके हैं, उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ, पैंडोरा पेपर्स में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (बीवीआई) में एक मुखौटा कंपनी के जरिए लाभ कमाया था और इस कंपनी को 2016 में पनामा पेपर्स लीक के बाद खत्म कर दिया गया था। इसका खुलासा किया है, पैंडोरा पेपर्स लीक ने, जिसके बाद भारतीय राजनीति गर्मा गई है।

सचिन पर क्या हैं आरोप?
पनामा लॉ फर्म एल्कोगल के रिकॉर्ड की जांच के अनुसार, जो पैंडोरा पेपर्स का हिस्सा है, उसके मुताबिक, सचिन तेंदुलकर, उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर और उनके ससुर आनंद मेहता को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड आधारित एक कंपनी: सास (saas) इंटरनेशनल लिमिटेड के बीओ और निदेशक के रूप में नामित किया गया था। डेटा पनामा की कानूनी फर्म, एल्कोगल के दस्तावेजों का हिस्सा है, जिसमें उनकी कंपनी एलजे मैनेजमेंट (सुइस) द्वारा शामिल की गई है। पैंडोरा पेपर्स लीक में सास (saas) इंटरनेशनल लिमिटेड के मुताबिक, इस कंपनी का पहला रिकॉर्ड 2007 का है और इस कंपनी के जरिए इसके मालिकों ने काफी लाभ कमाए, लेकिन पांच साल पहले पनामा पेपर्स लीक के बाद इस कंपनी को बंद कर दिया गया। इस कंपनी के मालिक सचिन, उनकी पत्नी अंजलि और ससुर आनंद मेहता थे।

पर्दे के पीछे ब्लैकमनी का खेल?
पैंडोरा पेपर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंपनी को 2016 में बंद करने से पहले इसके तमाम शेयर्स को खरीद लिए गये। रिपोर्ट में कहा गया है कि, सचिन ने कंपनी के 9 शेयर्स 8 लाख 56 हजार 702 डॉलर्स में खरीदे, जबकि उनकी पत्नी अंजलि ने 14 शेयर्स 13 लाख 75 हजार 714 डॉलर्स में और अंजलि के पिता आनंद मेहता ने कंपनी के पांच शेयर्स चार लाख 53 हजार 82 डॉलर्स में खरीदे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह से सास इंटरनेशनल लिमिटेड के शेयरों का औसत बायबैक मूल्य लगभग 96,000 डॉलर था। और जैसा कि 10 अगस्त, 2007 (जिस दिन कंपनी बनी थी) को कंपनी के एक रिजॉल्यूशन से पता चलता है, कंपनी के 90 शेयर शुरुआत में ही जारी कर दिए गये थे। जिसे कंपनी के बंद करने से पहले खरीदा गया।

अंजलि तेंदुलकर के थे 60 शेयर
पैंडोरा पेपर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी में अंजलि तेंदुलकर को 60 शेयर मिले थे, जबकि उनके पिता आनंद मेहता को 30 शेयर दिए गये थे, जबकि बाकी शेयर किसके पास हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। इन 90 शेयरों का मूल्य $ 8.6 मिलियन (लगभग 60 करोड़ रुपये) आंका जा सकता है। खुलासा हुआ है कि, पनामा पेपर्स के आने के तीन महीने बाद ही सास इंटरनेशनल के तमाम शेयर्स को लिक्विडेट कर दिया गया। एलकोगल की स्प्रेडशीज में सचिन तेंदुलकर और अंजलि तेंदुलकर का नाम 'पॉलिटिकली एक्सपोज्ड पर्सन्स' के तौर पर दिया गया है, जिसका मतलब 'राजनीति से संबंध रखने वाला व्यक्ति' होता है। इसमें बताया गया था कि सचिन भारत के राजनीतिज्ञ और एक सांसद हैं। आपको बता दें कि, सचिन तेंदुलकर 2012 से 2016 तक राज्यसभा के सांसद थे।

बड़े विवाद में फंसे सचिन तेंदुलकर
भारत सरकार के नियमों के मुताबिक, राज्यसभा सांसदों को अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं देना पड़ता है, जबकि लोकसभा के सांसदों के लिए अपनी संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य है। अब पता चला है कि, सास इंटरनेशनल लिमिटेड के एमओयू में कहा गया है कि ये कंपनी एक डॉलर के मूल्य का 50 हजार शेयर्स जारी कर सकता है। सेलर लिमिटेड के नाम से एक अन्य कंपनी को इसका सचिव नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, बीवीआई के कानून के अधीन, कंपनी "किसी भी वस्तु या सामान के व्यापार सहित किसी भी व्यवसाय या गतिविधि को जारी रख सकती है या शुरू कर सकती है ..."

क्या है पैंडोरा पेपर लीक?
पैंडोरा पेपर्स लीक दुनियार के करीब 12 मिलियन (1.20 करोड़) दस्तावेजों को दिन रात खंगालने के बाद दुनिया भर में चल रही पैसों की लेन-देन और हेराफेरी को लेकर बहुत बड़ा खुलासा करता है। ये एक ऐसा लीक है, जो छिपी हुई संपत्ति, टैक्स से बचने के तरीकों, दुनिया के कुछ अमीर और शक्तिशाली लोगों द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा करता है। 117 देशों के 600 से ज्यादा पत्रकारों और 140 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन ने कई महीनों तक लगातार काम किया और 14 अलग अलग स्रोतों से दस्तावेजों को खंगालते हुए तमाम खुलासे किए हैं।
आईसीआईजे ने किया है खुलासा
ये खुलासा इंटरनैशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ने किया है, जो विश्व का सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है। पैंडोरा पेपर्स लीक में दुनिया के कई देशों की बड़ी हस्तियों का नाम है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के भी कई नेता शामिल है। भारत के सचिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भी इस लीक में नाम आया है। पैंडोरा पेपर लीक' जांच को 'बीबीसी' और 'गार्जियन' न्यूज पेपर ने लीड किया था। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पैंडोरा पेपर्स लीक में 64 लाख दस्तावेज, लगभग 30 लाख तस्वीर, करीब 10 लाख से ज्यादा इमेल्स और करीब 5 लाख स्प्रेडशीट शामिल हैं।












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