चूहे से पैदा होकर इतना भयावह बना ओमिक्रॉन वायरस ? डरा रही है ये थ्योरी
नई दिल्ली, 3 दिसंबर: कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट आज तक 30 से ज्यादा देशों में दस्तक दे चुका है। इसको लेकर दुनियाभर में अभी रिसर्च ही चल रहे हैं और जितनी तेजी से यह फैलता जा रहा है, उतनी ही तेजी से इसकी उत्पत्ति को लेकर नई-नई थ्योरी भी सामने आ रही है। विश्वभर में एक्सपर्ट इसकी प्रकृति को समझने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। दक्षिण अफ्रीका में इसका पहला मामला सामने आए हुए अभी 10 दिन भी नहीं हुए हैं, लेकिन यह कोविड-19 के अगले लहर पैदा होने का बहुत ही संभावित कारण माना जा रहा है। अब एक नई थ्योरी सामने आई है, जिसके मुताबिक बताया जा रहा है कि कोविड का यह वेरिएंट इंसान के शरीर से पैदा न होकर रोडेंट या गिलहरी-चूहे जैसे किसी कुतरने वाले जीव के शरीर से पैदा हुआ है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह भविष्य के लिए बहुत ही खतरनाक संकेत है!

चूहे से पैदा होकर इतना भयावह बना ओमिक्रॉन वायरस ?
एसटीएटी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना वायरस से संक्रमित संभावित रोडेंट जैसे किसी जीव से ओमिक्रॉन वेरिएंट विकसित हुआ है, जो संभवत: 2020 के मध्य में ही कोविड से इंफेक्टेड हुआ होगा। उस जीव में दर्जनों म्युटेशन के बाद इसने मानव शरीर को संक्रमित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक इम्युनोलॉजिस्ट क्रिस्टेन एंडर्सन का विचार है कि ओमिक्रॉन रिवर्स जूनोटिक इवेंट से विकसित हुआ है। जब किसी जानवर से रोगाणु मानव को संक्रमित करता है तो उसे जूनोटिक इंवेट कहते हैं और जब इसका उल्टा होता है तो वह वैज्ञानिक भाषा में रिवर्स जूनोटिक इवेंट कहलाता है। एंडर्सन का कहना है कि ओमिक्रॉन कई म्युटेशन के बाद बना है, इसलिए इस मामले में रिवर्स जूनोसिस की पूरी संभावना है।

ओमिक्रॉन में चूहे को संक्रमित करने वाले जीन की पुष्टि
एक और एक्सपर्ट और तुलेन मेडिकल स्कूल में माइक्रोबायोलॉजी एंड इम्युनोलॉजी के प्रोफेसर रॉबर्ट गैरी कहते हैं कि ओमिक्रॉन के 32 म्युटेशन में से 7 ऐसे हैं जो रोडेंट को संक्रमित कर सकते हैं। हालांकि, गैरी इस बात को लेकर पुख्ता नहीं हैं कि ओमिक्रॉन वेरिएंट जानवर के शरीर से विकसित हुआ है या इंसान के शरीर में। लेकिन, ओमिक्रॉन वेरिएंट में एक जीन है जो चूहे को संक्रमित कर सकता है। इसकी पुष्टि हो चुकी है। इसलिए वैज्ञानिक इस नजरिए पर भी गौर कर रहे हैं कि यह चूहे या गिलहरी जैसे जानवर के शरीर में रहकर पैदा हुआ वायरस है।

कई और खतरनाक वेरिएंट पैदा होने की आशंका!
एरिजोना यूनिवर्सिटी के इवॉल्युशनरी बायोलॉजिस्ट माइक वोरोबी का कहना है कि यह एक बहुत ही आश्चर्यजनक रूप है, क्योंकि अगर यह वेरिएंट किसी जीव को पुरानी बीमारी से संक्रमित कर सकता है, तो सोचिए कि यह इंसान के लिए क्या कर सकता है। इसकी वजह से कई और खतरनाक वेरिएंट के उभरने की भी आशंका है। हालांकि, माइक यह मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि यह रोडेंट से विकसित हुआ है। उनका मानना है कि यह किसी कमजोर इम्युन सिस्टम वाले व्यक्ति के शरीर में विकसित हुआ है।

एचआईवी/एड्स वाली थ्योरी
एचआईवी/एड्स से पीड़ित कमजोर इम्युन सिस्टम वाले मरीज के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के चलते ओमिक्रॉन वेरिएंट बनने वाली थ्योरी पहले से चल रही है। इस थ्योरी के मुताबिक उस समय उस रोगी को कोई और पुराना रोग भी रहा होगा, जिसकी वजह से उसके शरीर में मौजूद कोरोना वायरस को धीरे-धीरे अपना स्वरूप बदलने का मौका मिला। यही वजह है कि उसमें इतना ज्यादा म्युटेशन हो गया और इसकी वजह से इतना खतरनाक ओमिक्रॉन वेरिएंट बन गया।

दक्षिण अफ्रीका में विकसित नहीं हुआ ओमिक्रॉन ?
दूसरी तरफ, बर्लिन के चैरिटे यूनिवर्सिटी अस्पताल के वायरोलॉजिस्ट क्रिश्चियन ड्रोस्टन इन दोनों थ्योरी से इनकार करते हैं। इनके मुताबिक यह पहले उस आबादी वाले इलाके में सामने आया होगा, जहां वायरस को लेकर निगरानी की कमी रही। यह वहीं पैदा हुआ और वहीं पर फैलना शुरू हो गया। लेकिन, कोई इसे नोटिस नहीं कर पाया। ड्रोस्टन का तो यहां तक मानना है कि यह दक्षिण अफ्रीका में पैदा ही नहीं हुआ होगा, क्योंकि वहां तो बहुत ज्यादा जीनोम सिक्वेंसिंग होता रहा है। इसके बजाय यह अफ्रीका के दूर-दराज दक्षिण क्षेत्र में ठंड के मौसम में विकसित हुआ होगा। भारत में ओमिक्रॉन का जो दूसरी मरीज सामने आया है, उसकी भी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली है। इससे इस थ्योरी से भी अभी इनकार नहीं किया जा सकता।












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