Dhurandhar In Pakistan: धुरंधर के चक्कर में असली वाले जमील जमाली को दाऊद से कनेक्शन पर देना पड़ी सफाई- Video
Dhurandhar In Pakistan: आदित्य धर की फिल्म धुरंधर-2 थिएटर के साथ-साथ पाकिस्तान में भी धूम मचा रही है। जिसका असर असली के लियारी टाउन में पड़ रहा है। यहां पर पाकिस्तानी राजनेता Nabil Gabol, जिन्हें फिल्म Dhurandhar 2 में जमील जमाली से जोड़कर दिखाया गया, उन्हें अब खुद को लेकर सफाई देनी पड़ी।
दाऊद से सांठ-गांठ के आरोप
अपने खुलासे में उन्होंने साफ कहा कि उनका असल जिंदगी में अंडरवर्ल्ड डॉन Dawood Ibrahim से कभी कोई संपर्क नहीं रहा। यह बयान तब आया जब सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच फिल्म के किरदार और उनके रियल लाइफ इमेज के बीच तुलना तेज हो गई थी। जिसके बाद उनकी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से सांठ-गांठ के का आरोप लगे।

दाऊद से मुलाकात पर मुकर गए गबोल
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए नबील गबोल ने सभी अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "मैं कभी नहीं मिला हूं।" इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह तक नहीं पता कि दाऊद इब्राहिम कराची में रहते हैं या नहीं। उनके इस बयान से उन सभी दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं जो सालों से दाऊद के कराची में होने को लेकर किए जाते रहे हैं। हालांकि ये सभी जानते हैं कि 1993 के बम ब्लास्ट के बाद दाऊद पाकिस्तान के कराची में ही रह रहा है। उसे पाकिस्तानी पुलिस, फौज और सरकार तीनों का खुला समर्थन भी है। उसके कराची के क्लिफटन के 37 नंबर बंगले में रहने का दावा किया जाता है, जो काफी हद तक सच भी है।
नबील गबोल किसके करीबी, किसके खास और कब-से सत्ता में?
नबील गबोल 24 साल की उम्र से पाकिस्तान के लियारी को संभाल रहे हैं। पहली बार वे बेनजीर भुट्टो के मार्गदर्शन में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी से चुनाव लड़े और जीते थे। इसके बाद वे 1993-96 तक सिंध विधानसभा के स्पीकर भी रहे। इसके बाद गबोल 2002 और 2008 में एमएनए (मेंबर ऑफ नेशनल असेंबली (जैसे भारत में सांसद)) रहते हुए मंत्री भी बने थे। 2013 में नबील ने PPP को छोड़कर MQM यानी मुत्ताहिद कौमी मूवमेंट का हाथ थाम लिया लेकिन जल्द ही 2017 में फिर अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए। 2024 का चुनाव गबोल ने PPP के टिकट पर कराची साउथ-1 से लड़ा और जीता। वर्तमान में वे यहीं से MNA हैं।
फिल्म के किरदार से क्यों जुड़ रहा नाम?
दरअसल, फिल्म धुरंधर 2 में Rakesh Bedi द्वारा निभाया गया किरदार जमील जमाली काफी चर्चा में है। इस किरदार को एक जटिल और रहस्यमयी शख्स के रूप में दिखाया गया है, जिसके संबंध हाई-लेवल जासूसी और क्रिमिनल नेटवर्क से जुड़े बताए गए हैं।
पहले नेता और फिर भारतीय जासूस
फिल्म में यह किरदार एक भारतीय एजेंट के रूप में दिखाया गया है, जो दाऊद इब्राहिम को टारगेट करने वाले एक गुप्त मिशन का कई सालों से हिस्सा है। इसी वजह से लोगों ने इसे असल जिंदगी के कुछ चेहरों से जोड़ना शुरू कर दिया, जिसमें नबील गबोल का नाम भी शामिल हो गया। जिससे अब सभी उनसे सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आप भारतीय एजेंट हैं।
फिल्म की कहानी पर भी उठाए सवाल
नबील गबोल ने सिर्फ इन आरोपों को खारिज ही नहीं किया, बल्कि फिल्म की कहानी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाया गया नैरेटिव असल घटनाओं का तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और काफी हद तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यह फिल्म भाजपा के चुनाव कैम्पेन जैसी लगती है। उनके इस बयान ने विवाद को और भी बढ़ा दिया है और फिल्म की राजनीतिक एंगल से भी चर्चा शुरू हो गई है।
कुल मिलाकर क्या है मामला?
सीधे शब्दों में समझें तो एक तरफ फिल्म की कहानी और किरदारों को लेकर बहस तेज हो गई है, तो दूसरी तरफ नबील गबोल ने खुद सामने आकर इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है और क्या फिल्म की सफलता पर इसका कोई असर पड़ता है या नहीं।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications