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Danish Queen: दुनिया की सबसे लोकप्रिय महारानी ने पोते-पोतियों का शाही खिताब छीनने के लिए मांगी माफी

डेनमार्क की महारानी मार्ग्रेथ द्वितीय ने अपने पोते-पोतियों से माफी मांगी है। महारानी मार्गेथ ने बीते महीने चार बच्चों से शाही उपाधि छीन ली थी। हालांकि महारानी ने उन्हें खिताब वापस देने को लेकर अपना मन नहीं बदला है।

कोपनहेगन, 05 सितंबरः डेनमार्क की महारानी मार्ग्रेथ द्वितीय ने अपने पोते-पोतियों से उनके शाही खिताब छीनने के लिए माफी मांगी है। दुनिया की सबसे उम्रदराज शासक मार्गेथ द्वितीय ने बीते महीने अपने आठ पोते-पोतियों में से 4 का शाही खिताब छीन लिया था। मंगलवार को अपने इस फैसले के लिए महारानी ने अपने बच्चों से 'सॉरी' कहा है। हालांकि उन्होंने खिताब वापस देने को लेकर अपना मन नहीं बदला है।

बीते महीने पोते-पोतियों से छीना खिताब

बीते महीने पोते-पोतियों से छीना खिताब

महारानी मार्गेथ ने कहा कि हालांकि वह मेरी गलती थी लेकिन इसके बावजूद भी मैं अपने निर्णय पर अडिग हूं। बीते महीने 82 वर्षीय महारानी मार्ग्रेथ द्वितीय ने ऐलान किया था कि उनके छोटे बेटे प्रिंस जोआचिम के बच्चे अब अगले साल से राजकुमार और राजकुमारी के रूप में नहीं जाने जाएंगे। इसके साथ ही महारानी ने यह भी कहा था कि वे केवल मोनपेजेट की गिनती और काउंटेस के अपने खिताब का उपयोग करने में सक्षम होंगे। (यह एक वंशानुगत उपाधि है जिसे रानी ने अपने दोनों बेटों को 2008 में दिया था।) महारानी ने कहा था कि उन्हें महामहिम के रूप में संबोधित किया जाएगा, क्योंकि उनके एचआरएच खिताब शाही घराने के अनुसार बंद हो जाएंगे।

महारानी मार्गेथ के फैसले से दुखी हैं बच्चे

महारानी मार्गेथ के फैसले से दुखी हैं बच्चे

महारानी के छोटे बेटे प्रिंस जोआचिम की पूर्व पत्नी काउंटेस एलेक्जेंड्रा के प्रेस सचिव ने मीडिया को बताया कि जोआचिम और उनके बच्चे, रानी के इस फैसले से काफी दुखी और हैरान हैं। मंगलवार को महारानी मार्ग्रेथ द्वारा जारी बयान में कहा था कि हाल के दिनों में प्रिंस जोआचिम के चार बच्चों के खिताब छीनने के उनके फैसले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया जताई जा रही है। लोगों की नकारात्मक प्रतिक्रिया उन्हें निश्चित रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने कहा था कि महारानी के रूप में उनकी इच्छा है कि राजशाही परंपरा हमेशा अपने असली रूप में कायम रहे।

कठिन निर्णय लेना जरूरी

कठिन निर्णय लेना जरूरी

महारानी ने कहा कि राजशाही परंपरा अपने मूल स्वरूप में बनी रहे इसके लिए कभी- कभी कठिन निर्णय भी लिए जाते हैं। हालांकि ऐसे निर्णयों के लिए हमेशा सही समय हो यह मुश्किल है। महारानी ने कहा कि एक शाही उपाधि धारण करने में कई प्रतिबद्धताएं और कर्तव्य शामिल होते हैं। इसलिए समय-समय पर इसकी समीक्षा जरूरी हो जाती है। महारानी के बड़े बेटे क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक सिंहासन की कतार में सबसे पहले नंबर पर हैं। वहीं फ्रेडरिक का सबसे बड़ा बेटा, प्रिंस क्रिश्चियन इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। फ्रेडरिक के सभी चार बच्चे अपने खिताब बरकरार रखे हुए हैं। वहीं, उनका छोटा भाई जोआचिम अपनी पत्नी राजकुमारी मैरी और दो बच्चों हेनरिक (13) और एथेना (10), के साथ पेरिस में रहते हैं। राजकुमार के दो बड़े बेटे भी हैं, निकोलाई (23), और फेलिक्स (20) हैं जो उनकी पूर्व पत्नी एलेक्जेंड्रा से हैं।

दुनिया की सबसे उम्रदराज शासक हैं मार्गेथ

दुनिया की सबसे उम्रदराज शासक हैं मार्गेथ

82 वर्षीय मार्गरेथ द्वितीय पिछले 50 वर्षों से राजगद्दी पर हैं। वह ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के निधन के बाद अब दुनिया की सबसे उम्रदराज शासक बन गयी हैं। डेनमार्क की रानी मार्गरेथ और ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ तीसरी पीढ़ी की चचेरी बहनें हैं। माग्ररेथ द्वितीय यूरोप की एकमात्र राज करने वाली रानी भी हैं। हालांकि चार देशों बेल्जियम, नीदरलैंड, स्पेन और स्वीडन में राजकुमारियां हैं। माग्ररेथ जनवरी 1972 में 31 साल की उम्र में अपने पिता फ्रेडरिक-9 की मृत्यु के बाद सिंहासन पर आई, जो डेनमार्क में राज करने वाली रानी का पद संभालने वाली पहली महिला बनीं।

सबसे लोकप्रिय महारानी हैं मार्गेथ

सबसे लोकप्रिय महारानी हैं मार्गेथ

हालांकि महारानी के गद्दी संभालने के दौरान बहुत से लोगों ने एक स्त्री को सिंहासन पर बैठाने के निर्णय का समर्थन नहीं किया। 1940 में कोपेनहेगन में जन्मी मार्गेथ तीन बहनों में सबसे बड़ी थीं। उनके जन्म के समय महिलाओं को राजशाही और ताज की बागडोर संभालने का अधिकार नहीं था। हालांकि, विरोध के बावजूद महारानी राजगद्दी पर बैठीं और उन्होंने डेनमार्क के आधुनिकीकरण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। महारानी पद के लिए उपयुक्त न मानी जाने वाली मार्गेथ द्वितीय को अब देश में अधिकांश लोगों का समर्थन हासिल है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वर्तमान में डेनिश राजशाही दुनिया में सबसे लोकप्रिय राजशाही में से एक है, जिसे 80 प्रतिशत से अधिक डेन का समर्थन प्राप्त है।

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