रूस के ये हथियार मिटाएंगे सीरिया से आईएसआईएस का नमो-निशां
मॉस्को। रूस ने अमेरिका और राष्ट्रपति बराक ओबामा की चिंता किए बिना सीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ हमले शुरू कर दिए हैं। यूक्रेन संकट के बाद यूरोप और अमेरिका की आलोचनाओं से घिरे रूस का यह कदम कई मायनों में अहम है।
अमेरिका की इंटेलीजेंस एजेंसी और सेनाएं अभी तक आईएसआईएस के खिलाफ कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई हैं। अगर रूस अपने इस आतंकी संगठन की कमर तोड़ने में कामयाब हो जाता है, तो उसे दुनिया के सबसे ताकतवर देश का खिताब हासिल हो सकेगा।
रूस आईएसआईएस के खिलाफ सीरिया में अपने बेस्ट एयरक्राफ्ट्स और कमांडो फोर्स का प्रयोग कर रहा है। निश्चित तौर रूस का हमला आईएसआईएस के लिए एक बुरी खबर है।
आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करिए और जानिए कि आखिर क्यों रूस, सीरिया में आईएसआईएस के लिए अमेरिका से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

टी90 टैंक्स
टी90 टैंक्स की गिनती दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक टैंक्स में होती हैं। यह टैंक पानी और रेत पर आसानी से चल सकते हैं। साथ ही इसमें इंस्टॉल लेसर गाइडेड मिसाइल कुछ सेकेंड्स में ही दुश्मन का काम तमाम कर सकती हैं।

सुखोई-25 फ्रॉगफुट
दुनिया के सबसे पुराने कॉम्बेट जेट्स में शुमार फ्रॉगफुट को इस समय सबसे खतरनाक जेट माना जाता है। रूस ने इसका प्रयोग कई युद्धों में किया है और हमेशा इसने उसे जीत दिलाई है। सीरिया में इस समय 12 सुखोई फ्रॉगफुट आईएसआईएस ठिकानों पर हमला कर रहे हैं।

सुखोई एफ-24
एक दर्जन सुखोई एफ-24 सीरिया में हैं। यह फाइटर जेट रूस का पहला इंटीग्रेटेड डिजिटल नेविगेशन अटैक सिस्टम से लैस फाइटर जेट है। नाटो सेनाएं भी इसका प्रयोग करती है। यह किसी भी मौसम में अपने दुश्मन को सेकेंड्स में ढेर कर सकता है।

एएन 124
रूस ने अपना कार्गो प्लेन भी सीरिया में तैनात कर रखा है। एएन-124 ईरान के रास्ते होते हुए सीरिया पहुंचा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मिलिट्री कार्गो एयरक्राफ्ट है और इस समय सीरिया में रूस के बेस को जरूरी सामान पहुंचा रहा है।

स्पेत्सनैज-चेचेन आतंकियों का काल
अफगान मॉडल पर तैयार रूस की कमांडो फोर्स स्पेत्सनैज। इसके कमांडो कम से कम संसाधन पर भी दुश्मन को ढेर कर सकते हैं। कमांडोज हर तरह की टेक्नोलॉजी से लैस हैं। यह वही कमांडो फोर्स है जिसने रूस से चेचेन आतंकियों का सफाया किया था। अब ये कमांडो सीरिया की सेना को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

फ्लाइंग टैंक एमआई-24
फ्लाइंग टैंक के नाम से मशहूर एमआई-24 जिसे हिंद के नाम से भी जानते हैं। यह सेना को जमीन पर सपोर्ट तो देता ही है साथ ही साथ ट्रूप्स को नाजुक मौकों पर एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाता है। इसके अलावा इसमें इंस्टॉल 12.7 एमएम की गन आईएसआईएस आतंकियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं।

बीटीआर-82ए
यह एक पारंपरिक लेकिन आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस टैंक हैं। इसका प्रयोग रूस के अलावा इस समय सीरिया की सेना भी कर रही है। यह इंफ्रेंट्री को हाई लेवल का फायर सपोर्ट मुहैया कराता है।

रूस के ड्रोन
ड्रोन का प्रयोग अमेरिकी सेना बड़े स्तर पर नहीं कर पा रही है। लेकिन रूस और सीरियन आर्मी के एक साथ ड्रोन का प्रयोग आईएसआईएस आतंकियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।












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