सावधान! हल्के में ना लेना ओमीक्रॉन को, अल्फा और डेल्टा वैरिएंट जितना ही है घातक- रिसर्च
नई दिल्ली, 7 मई। कोरोना (Corona) वैरिएंट के घातक रुप ने दुनिया में महामारी का संक्रमण को लेकर एक बार फिर से आशंकाएं बढ़ रही हैं। ओमीक्रॉन (Omicron) के अलावा अल्फा और डेल्टा वैरिएंट काफी घातक हैं। पिछले साल नवंबर में पहली बार ओमीक्रॉन का पता दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने लगाया था। जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कई बार चेतावनी दी कि इसे हल्के में लेना खतरे से खाली नहीं है।

कोरोना की संक्रमण की पिछले लहरों में ओमीक्रॉन संक्रमण की अपेक्षा अस्पतालों में मृत्यु दर अधिक रही। पिछले साल नवंबर में ओमीक्रॉन संक्रमण का पता लगने के बाद कोरोना के अन्य वैरिएंट की तुलना में सबसे अधिक घातक बताया गया था। इस वैरिएंट को सबसे अधिक पारगम्य माना गया था। लेकिन बाद में अमीक्रॉन संक्रमण के दौरान इसकी संक्रामकता को देखते हुए इसे कमतर आंका गया। जबकि एक अध्ययन में पाया गया है कि कोविड -19 का ओमिक्रॉन वैरिएंट हल्का नहीं है। इसके अल्फा और डेल्टा सब वैरिएंट बेहत घात हैं।
पहली बार ओमीक्रॉन का पता दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने लगाया था। पिछले साल नवंबर में ओमीक्रॉन संक्रमण के मामले सामने आए। इस वैरिएंट से कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर इससे पहले यूके, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और अन्य में इसको लेकर अध्ययन किए गए। जिसमें कोरोना के अधिक प्रसारित होने की बात सामने आई।
वहीं मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की ओर से किए गए अध्ययन में पाया गया कि अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु दर के जोखिम कोरोना पिछली लहरों के बीच लगभग समान थे। ओमिक्रॉन वैरिएंट पिछले वैरिएंट की तरह गंभीर हो सकता है। जबकि कोरोना का एक अन्य वैरिएंट SARS-CoV-2 वेरिएंट की तुलना में कम गंभीर पाया गया। वहीं कोरोना के सब वैरिएंट डेल्टा से फेफड़ों के अलाव अन्य श्वसन तंत्र प्रभावित हुए। इससे सामान्य सर्दी जैसे लक्षण पैदा हुए। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कई बार चेतावनी दी कि इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
अपनी स्टडी में टीम ने मैसाचुसेट्स में 13 अस्पतालों सहित एक बड़ी स्वास्थ्य प्रणाली से गुणवत्ता-नियंत्रित इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड के साथ राज्य-स्तरीय टीकाकरण डेटा को जोड़ा। इसके बाद 1,30,000 से अधिक कोविड मरीजों में SARS-CoV-2 संक्रमण को लेकर प्रवेश और मृत्यु दर के जोखिमों की तुलना करने का अध्ययन किया। जिसमें पता चला कि ओमीक्रॉन पिछले SARS-CoV-2 तरंगों की तरह ही घातक था।
-
Love Story: 38 साल से पति से अलग रहती हैं Alka Yagnik, क्यों अकेले जी रहीं जिंदगी? अब दर्दनाक हुई हालत -
Alka Yagnik Caste: क्या है सिंगर अलका याग्निक की जाति? खतरनाक बीमारी से जूझ रहीं गायिका मानती हैं कौन-सा धर्म? -
Rakesh Bedi Caste: धुरंधर में पाकिस्तान को उल्लू बनाने वाले 'Jameel' किस जाति से? ठगी का शिकार हुई पत्नी कौन? -
'इंटीमेट सीन के दौरान उसने पार की थीं सारी हदें', Monalisa का बड़ा बयान, सेट पर मचा था ऐसा हड़कंप -
IAS Tina Dabi Transfer: दो लव मैरिज-एक से तलाक, विवादों में घिरीं UPSC टॉपर टीना डाबी का कहां-क्यों ट्रांसफर? -
RBSE Topper: रिजल्ट से 10 दिन पहले थम गईं निकिता की सांसें, 12वीं की मार्कशीट में चमकता रह गया 93.88% -
LPG Price Today: युद्ध के बीच जनता पर फूटा महंगाई बम, सिलेंडर के दाम बढ़े, आपके शहर में कहां पहुंचा रेट? -
Leander Paes: तीन अभिनेत्रियों संग रहा लिवइन रिलेशन, बिना शादी के बने पिता, घरेलू हिंसा का लगा था आरोप -
Vaibhav Suryavanshi के पास सात समंदर पार से आया ऑफर! टैलेंट पर फिदा हुआ ये देश, कहा- हमारे लिए खेलो -
'16 की उम्र में क्लब के बाहर 20 रु. में खुद की CD बेची', Dhurandhar के इस बड़े स्टार का सच, यूं बदली किस्मत -
PBKS vs GT: अर्शदीप का खौफनाक ओवर, 11 गेंदों में लुटाए रन, बनाया IPL का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड -
New Rules from 1 April 2026: 'LPG के दाम से लेकर ATM के चार्ज तक', आज से बदल गए ये 7 बड़े नियम












Click it and Unblock the Notifications