Cyclone Fani: जिस मौसम विभाग का उड़ाते थे मजाक आज UN भी बजा रहा है उसके लिए तालियां
न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्रसंघ (United Nations) UN ने तूफान फानी (Cyclone Fani) के बारे में सटीक अनुमान लगाने के लिए भारत के मौसम विभाग की तारीफ की है। यूएन की आपदा प्रबंधन समिति की ओर से कहा गया है कि तूफान के पहले दी गई वॉर्निंग्स या अलर्ट की वजह से अथॉरिटीज ने एक सही इवैक्यूएशन प्लान बना सकीं और लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जा सकीं। इसकी वजह से ही मौतों का आंकड़ा सबसे कम हो सका है। फानी, पुरी के करीब शुक्रवार की सुबह पहुंचा है। यह तूफान 20 वर्षों में भारत में दस्तक देने वाला सबसे भयानक तूफान है। अब तक इस तूफान की वजह से आठ लोगों की मौत हो चुकी है।

175 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं
पुरी का एक बड़ा हिस्सा और दूसरे कई इलाके पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। तूफान की वजह से हुई बारिश से करीब 11 लोग प्रभावित हैं। भारत के मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से इस तूफान को बहुत ही बहुत ही खतरनाक चक्रवाती तूफान करार दिया गया था। यूएन की एजेंसियां भी लगातार फानी पर नजर बनाए हुए हैं। फानी की तूफान की वजह से शुक्रवार को 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगी थीं। भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में बाढ़ के हालात थे। वहीं 28 मिलियन लोग इस तूफान के आने वाली जगहों पर रह रहे थे। यूएन की डिजास्टर रिस्क रिडक्शन के सेक्रेटरी जनरल (एसआरएसजी) के विशेष प्रतिनिधि और जेनेवा स्थित यूएन डिजास्टर रिस्क रिडक्शन के मुखिया मामा मिजुटोरी ने कहा, 'मौसम की अति परिस्थितियों में एक भी मौत न होने की सोच की वजह से इन स्थितियों को काफी अच्छे से संभाला जा सका है। यह अपने आप में एक अहम योगदान है।'
अमेरिकी मीडिया भी हुआ मुरीद
दुनिया भर के विशेषज्ञ इस तूफान के बाद भारत और खासतौर पर ओडिशा स्थित अथॉरिटीज की तारीफ कर रहे हैं। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि हाल के कुछ वर्षों में भारत के सबसे गरीब राज्य ओडिशा में अब तक का सबसे भयानक तूफान आया है लेकिन यहां की सरकार ने जिस तरह से लोगों को आगाह किया और उन्हें निकाला, वह दुनिया के अमीर देशों के लिए एक सबक है। अखबार की मानें तो तूफान से कैसे निबटना है, यह बात आप गरीब देश भारत और यहां के गरीब राज्य ओडिशा से सीख सकते हैं। अखबार के मुताबिक लोगों को आगाह करने और यह बताने के लिए अगले कुछ पलों में क्या होने वाला है, हर उस इंतजाम को तैनात किया गया, जो सरकार कर सकती थी। सरकार की तरफ से 26 लाख टेक्स्ट मैसेज भेजे गए, 43,000 वॉलेंटियर्स, 1,000 इमरजेंसी वर्कर्स, टीवी कमर्शियल्स, तटीय सायरन, बस, पुलिस ऑफिसर्स और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ा सिस्टम, सब कुछ इस तूफान की वजह से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए लगा दिया गया था।
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