Cyclone Biparjoy: भारत के बाद पाकिस्तान के तटीय इलाकों से टकराया चक्रवाती तूफान, जानिए कैसे हैं हालात
Cyclone Biparjoy: भारत में चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुरुवार शाम 6 बजकर 35 मिनट पर गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में टकराया था और अब पाकिस्तान के तटीय इलाकों से भी ये खतरनाक तूफान टकरा गया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तूफान की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास है, जिससे प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में पेड़-पौधे धाराशाई हो गये हैं।
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने कहा है, कि चक्रवात बिपरजॉय ने जखाऊ बंदरगाह और भारत-पाकिस्तान सीमा के पास भारतीय गुजरात तट पर लैंडफॉल बनाया है। वर्तमान में चक्रवात कराची के केटी बंदरगाह से टकराने वाला है।

जियो न्यूज के मुताबिक, थट्टा के तटीय क्षेत्र में वर्तमान में भयानक आंधी-तूफान चल रहे हैं, जिससे इलाके के पेड़-पौधे और संपत्तियां तबाह हो रहे हैं। हालांकि, खतरे को देखते ही पहले से ही संभावित प्रभावित इलाकों से लोगों को निकाल लिया गया था, लिहाजा लोगों की जान को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। जियो के मुताबिक, उच्च जोखिम वाले इलाकों से करीब 78 हजार लोग निकाले गये हैं। बादिन में केटी बंदरगाह को पूरी तरह से खाली करवा लिया गया है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
तूफान से फिलहाल कैसे हैं हालात?
पाकिस्तान में इस साल भीषण गर्मी पड़ रही है और लू लगने से कई लोगों की मौत भी हुई है, लिहाजा चक्रवाती तूफान ने लू को खत्म कर दिया है। कराची, मकली, थट्टा, बादिन क्षेत्रों में बारिश हो रही है, लिहाजा कई हिस्सों में गर्मी फिलहाल नहीं है।
चक्रवात की तीव्रता काफी कमजोर हो गई थी, इसलिए जिस भारी बारिश की आशंका जताई जा रही थी, वैसी बारिश नहीं हो रही है। हालांकि, तेज हवाओं ने उमस भरे तापमान से परेशान लोगों को बहुत हद तक राहत दी है। वहीं, सिंध में मौसम विभाग ने बढ़िया मौसम रहने की संभावना जताई है।
वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुजरात के तटीय क्षेत्रों में टकराने वाले चक्रवात बिपरजॉय की तीव्रता में 'बहुत गंभीर' श्रेणी से 'गंभीर' श्रेणी कर दी गई है। NDTV के अनुसार, चक्रवात अब समुद्र से जमीन की ओर बढ़ गया है और सौराष्ट्र-कच्छ की ओर केंद्रित है। राजस्थान में आज भारी बारिश के आसार हैं। चक्रवात के परिणामस्वरूप, गुजरात के मोरबी जिले में भारी बारिश और 115-120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति वाली तेज हवाओं ने काफी नुकसान पहुंचाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 300 से ज्यादा बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लगभग 45 गांवों में बिजली गुल हो गई है। पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (पीजीवीसीएल) के अधिकारियों के मुताबिक, नौ प्रभावित गांवों में बिजली बहाल करने की कोशिशें की जा रही हैं।
इसके अलावा, चक्रवाती तूफान के प्रभाव के कारण कम से कम 22 लोग जख्मी हुए हैं। राजस्थान के ऊपर आज शाम तक चक्रवात के कमजोर होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।
आपको बता दें, कि 25 सालों के बाद जून महीने में कोई चक्रवाती तूफान गुजरात से टकराया है। इससे पहले 9 जून 1988 को भी भीषण चक्रवाती तूफान का सामना गुजरात ने किया था और उस वक्त पोरबंदर क्षेत्र में करीब 166 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली थी। हालांकि, अब मौसम विभाग के अनुमान काफी हद तक सही होने लगे हैं, लिहाजा लोगों को पहले ही ऐसे प्राकृतिक आपदाओं को लेकर सावधान कर दिया जाता है और बहुत हद तक जानमाल के नुकसान को कम कर दिया जाता है।
बिपरजॉय का मतलब जानिए
बिपरजॉय एक बंगाली शब्द है, जिसका मतलब होता है 'आपदा'। लिहाजा, भारत और पाकिस्तान के मौसम विभागों ने चेतावनी में कहा है, कि अभी भी तूफान को लेकर लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि बिजली के पोल और पेड़ों के गिरने की आशंका बनी हुई है।
दोनों देशों के पूर्वानुमानकर्ताओं ने चेतावनी दी कि बिपार्जॉय, जिनके नाम का अर्थ बंगाली में "आपदा" है, घरों को तबाह करने और बिजली लाइनों को तोड़ने की संभावना है क्योंकि यह भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात के माध्यम से बैरल है, जहां यह जखाऊ के बंदरगाह के पास भूमिगत हो गया है।
पाकिस्तान में कुल मिलाकर 82,000 तो भारत में 175,000 लोग तूफान आने से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गये हैं।












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