Pakistan के लिए जासूसी करने वाले CRPF जवान का खुलासा, बताया क्यों की पाकिस्तान की मदद
NIA ने जासूसी के आरोप में CRPF के एक जवान को गिरफ्तार किया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया कि आरोपी के मोबाइल में संवेदनशील जानकारी और तस्वीरें थीं, जिन्हें वह कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर के साथ शेयर कर रहा था। CRPF में ASI के पद पर तैनाती के दौरान गिरफ्तार हुए मोती राम जाट ने दावा किया कि वह "बुरी तरह फंस गया" था और उसे निकलने का कोई रास्त नहीं दिख रहा था। NIA को सौंपे जाने से पहले विभागीय पूछताछ के बाद उसे 21 मई को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
पाकिस्तान के लिए कर रहा था जासूसी
'द हिन्दू' में छपी खबर के मुताबिक, ASI के फोन से पाकिस्तानी हैंडलर के साथ चैट का पता चला, जिसे उसने डिलीट नहीं किया था। NIA जांच कर रही है कि क्या कोई ऐसे भी मैसेज हैं जिन्हें पहले डिलीट किया गया हो। अधिकारी ने 'द हिन्दू' को बताया कि मोती राम जाट को अपनी पत्नी के बैंक खाते में एक विदेशी खाते से हर महीने करीब 3,000 रुपये मिलते थे। पाकिस्तानी एजेंटों ने कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क किया, और काफिले की गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए एक महिला बनकर उनसे संपर्क किया। यहीं से मोतीराम जाट हनीट्रैप में फंसते चले गए और फिर बाहर नहीं निकल पाए।

मोतीराम पर थी पहलगाम की जिम्मेदारी
गिरफ़्तारी से पहले मोती राम जाट 116वीं बटालियन के साथ पहलगाम में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात था। 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन मैदान पर हमला किया, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए। CRPF के एक अधिकारी ने बताया कि उसकी सोशल मीडिया गतिविधि पर नज़र रखी जा रही थी, जिससे हाल ही में उसके नए संपर्कों के बारे में पता चला और यहीं से मोतीराम की पोल खुलती चली गई।
जांच में क्या हो रहा है?
NIA का दावा है कि आरोपी 2023 से जासूसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है और उसने पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के साथ गोपनीय राष्ट्रीय सुरक्षा जानकारी साझा की है। नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट की एक विशेष अदालत ने उसे आगे की जांच के लिए 6 जून तक NIA की हिरासत में भेज दिया है।
'मैं चंगुल में फंस गया था, निकल नहीं पाया'
ASI ने अपने किए माफी मांगते हुए कहा कि वह हनीट्रैप में फंस गया था और खुद को इससे बाहर निकालने में असमर्थ था। अभी भी NIA हर एंगल और उससे जुड़े हर शख्स की जांच कर रही है, जिसमें भारत-पाकिस्तान की पूरी सीमा और विदेशी संस्थाओं के साथ उसके द्वारा साझा की गई किसी भी अतिरिक्त जानकारी का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
अलर्ट रहें जवान
ऐसे मामले बताते हैं कि देश की सुरक्षा में तैनात हर एक जवान को कितनी सतर्कता रखना चाहिए। उन पर सिर्फ गोली या दूसरे हथियारों का खतरा नहीं बल्कि इस तरह से हनीट्रैप कर उन्हें बुरी तरह फंसाया जा सकता है, जिसमें उनके साथ कई मासूमों की जिंदगियां भी बर्बाद हो सकती हैं।
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