'पांच दिनों में एक भी मौत नहीं', चीन सरकार ने झूठ बोलने की सभी हदें की पार, नये डेटा पर लगाई रोक
चीन का राष्ट्रीय स्वास्थ आयोग हल्के लक्षण वाले संक्रमित मरीजों का डेटा देना पहले ही बंद तक चुका था अब चीनी नेशनल हेल्थ कमीशन ने रविवार को कहा है कि वह रोजाना कोरोना मामलों की जानकारी नहीं देगा।

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Image: ANI
चीन में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है। चीनी सरकार द्वारा सच छिपाने की लाख कोशिशों के बावजूद सोशल मीडिया पर जो वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, उनमें तबाही का मंजर देखा जा सकता है। लेकिन इस बीच अब चीन पर कोरोना के असली आंकड़ों को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। चीन का राष्ट्रीय स्वास्थ आयोग हल्के लक्षण वाले संक्रमित मरीजों का डेटा देना पहले ही बंद तक चुका था अब चीनी नेशनल हेल्थ कमीशन ने रविवार को कहा है कि वह रोजाना कोरोना मामलों की जानकारी नहीं देगा।

चीन ने कोरोना गाइडलाइन में किया बदलाव
कुल मिलाकर अब यह बात चीन साफ कर चुका है कि वह अब नए कोरोना मामलों और संक्रमण से हुई मौतों का डेटा नहीं देगा। इससे पहले, चीनी सरकार ने कोरोना से होने वाली मौतों की परिभाषा को बदल दिया। नए नियमों के मुताबिक चीन में अब कोरोना से हुई मौत के मामले में उनकी ही गिनती की जा रही है जहां कोविड की वजह से निमोनिया हो जाए या सांस न लेने की वजह से किसी की मौत हो जाए। कुल मिलाकर चीन ने कोरोना से होने वाली मौत की कंडीशन को इतना सीमित कर दिया है कि अब कोरोना से कागजों पर किसी की मौत ही नहीं हो रही है।

चीन में कोरोना मचा रहा तबाही
रविवार को चाइनीज सेंटर फर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन ने बयान जारी किया कि मामलों में इतनी बढ़ोतरी के बावजूद, चीन में पिछले 4 दिनों में एक भी मौत नहीं हुई है। इससे पहले वीचैट पर कुछ दिन पहले एक अस्त्यापित दस्तावेज जारी हुआ था जिसमें यह दावा किया गया था कि 20 दिसंबर को चीन में 37 मिलियन नए कोरोना मामले थे। इस आंकड़े के मुताबिक 1 से 20 दिसंबर तक कुल 248 मिलियन लोगों को कोरोना से संक्रमित हो चुके थे। यह आंकड़ा चीन की आबादी के लगभग 20 फीसदी के बराबर है। हालांकि कुछ ही समय बाद ये पोस्ट हर जगह से डिलीट करा दिया गया।

दुनिया से 'झूठ' बोल रहा चीन
शुक्रवार 23 दिसंबर को, चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को पिछले 24 घंटों में केवल 28,493 नए मामलों की सूचना दी थी। यह देखते हुए कि उसी दिन हांगकांग में 20,252 मामले और 42 मौतें दर्ज की गईं थी। बता दें कि हांगकांग की आबादी चीन की आबादी का सिर्फ 0.5% है। यह जाहिर करता है कि बीजिंग के आधिकारिक आंकड़े विश्वसनीय नहीं हैं। त्रासदी के वास्तविक पैमाने से बचने के लिए चीन ने एक बेहतर समाधान खोज लिया है कि वह किसी भी तरह के आंकड़े प्रकाशित करना बंद कर चुका है।

हर दिन दस लाख संक्रमण के मामले
चीन के रोग नियंत्रण केंद्र के उप निदेशक शियाओफेंग लियांग ने भविष्यवाणी की कि आने वाले 90 दिनों में 60% से अधिक चीनी संक्रमित होंगे। वहीं, ब्रिटिश स्वास्थ्य डेटा फर्म एयरफ़िनिटी ने अनुमान लगाया कि चीन में प्रतिदिन कोरोना संक्रमण दस लाख तक जा सकता है और इससे रोजाना 5,000 लोगों मृत्यु होगी। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक चीन में कोरोना से 20 लाख लोगों की मौत हो सकती है।

जीरो कोविड पॉलिस हुई फेल
इससे पहले चीन की कम्यूनिस्ट सरकार ने कोरोना की पहली वेव में ही जीरो कोविड पॉलिसी लागू की थी, जिसकी वजह से लाखों लोग लॉकडाउन में घरों के अंदर कैद होकर रह गए थे। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त झटका लगा था। इस सख्त पॉलिसी का पिछले दिनों काफी विरोध हुआ था। लोगों ने सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए। लगातार हो रहे प्रदर्शनों से तंग आकर चीन ने नियमों में थोड़ी छूट दे दी। लेकिन अब कोरोना के मामलों में अचानक तेजी आ गई है।












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