अमेरिका से नहीं ले पाया बदला, तो तालिबान ने पूर्व मंत्रियों-सांसदों के खिलाफ शुरू की ये मुहिम
काबुल, 9 सितंबर: तालिबान ने अफगानिस्तान के बैकों को फरमान जारी किया है कि वह अफगानिस्तान की पिछली सरकार के अधिकारियों और मंत्रियों का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दे। दरअसल, अमेरिका की सख्ती से तालिबान भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है और अफगानिस्तान की अधिकतर चल संपत्तियां उसके हाथ से अबतक बाहर है। करीब 1,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर की चल संपत्ति हाथ में नहीं आ पाने के चलते तालिबान बौखलाया हुआ है, इसलिए उसने अमेरिका के समर्थन से चली पिछली सरकार में काम करने वालों को टारगेट करना शुरू कर दिया है।
Recommended Video

तालिबान ने पूर्व मंत्रियों-सांसदों का अकाउंट फ्रीज किया
तालिबान ने निजी बैंकों को खत लिखकर आदेश दिया है कि पुरानी सरकार के जितने भी लोगों के उनके यहां अकाउंट हैं, उन सब को फौरन फ्रीज कर दे। रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों का अकाउंट फ्रीज करने के लिए कहा गया है उनमें सरकारी कर्मचारी, सांसद और मंत्री भी शामिल हैं। यही नहीं तालिबान ने प्राइवेट बैंकों से अमेरिका समर्थित पूर्व सरकार के साथ काम कर चुके तमाम अफगानों से जुड़े बैंक खातों की पूरी लिस्ट भी देने को कहा है। काबुल स्थित बीबीसी के एक पत्रकार खलिली नूरी ने ट्वीट करके ये जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है- 'तालिबान ने मंत्रियों, उप मंत्रियों, सांसदों और यहां तक कि मेयरों के भी बैंक अकाउंट फ्रीज करने के आदेश दिए हैं। प्राइवेट बैंकों को भेजी एक चिट्ठी में तालिबान ने कहा है कि इन अकाउंट से जुड़ी लिस्ट सेंट्रल बैंक को भेजें।'

अमेरिका का बदला अफगानियों से ले रहा है तालिबान!
तालिबान के कब्जे के फौरन बाद वहां जो बैंक बंद कर दिए गए थे, तालिबान ने पिछले हफ्ते ही उन्हें खोलने को कहा था। हालांकि, हफ्ते में कैश निकालने के लिए सख्त नियम लागू कर दिए गए थे, जिसके चलते वहां बैंकों के आगे भारी कतार लगी देखी गई है। दरअसल, पिछले महीने जो बाइडेन प्रशासन ने अफगानिस्तान सरकार के अमेरिका में जमा चल संपत्ति को निकालने पर रोक लगा दी थी, जिसके चलते तालिबान का अरबों डॉलर तक पहुंच नहीं हो पा रहा है। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी अफगानिस्तान को 44 करोड़ डॉलर के फंड ट्रासंफर पर रोक लगा दी है।

कहां पड़े हैं अफगानिस्तान के पैसे ?
गौरतलब है कि अफगानिस्तान की अधिकतर चल संपत्ति विदेशी बैंकों में जमा है, क्योंकि ज्यादातर विकासशील देशों के केंद्रीय बैंक अपनी चल संपत्ति अमेरिकी संस्था फेडरल रिजर्व ऑफ न्यूयॉर्क या बैंक ऑफ इंग्लैंड में भी जमा रखते हैं। अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंक 'दा अफगानिस्तान बैंक' (डीएबी) के गवर्नर अजमल अहमदी के मुताबिक तालिबान के पास लंबे समय तक सेंट्रल बैंक के करीब 1,000 करोड़ डॉलर पहुंच सकते। इसकी वजह ये है कि इनमें से अधिकांश धन भौतिक तौर पर अफगानिस्तान में मौजूद नहीं है। अहमदी ने कहा था, 'पिछले हफ्ते तक डीएबी का कुल रिजर्व करीब 900 करोड़ डॉलर था। लेकिन, इसका मतलब ये नहीं है कि 900 करोड़ डॉलर भौतिक तौर पर हमारे तिजोरी में मौजूद हैं। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ज्यादातर संपत्ति सुरक्षित रखी जाती है, चल संपत्ति जैसे कि डॉलर और सोना।' इसलिए अफगानिस्तान के कुल मुद्रा भंडार के कुछ ही हिस्से तक तालिबान की पहंच हो पायी है।












Click it and Unblock the Notifications