क्‍या गर्मी बढ़ने पर खत्‍म हो जाएगा Coronavirus, जानिए क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

नई दिल्‍ली। अब तक दुनियाभर में 5000 लोगों की जान ले चुका जानलेवा कोरोना वायरस कैसे थमेगा, कोई नहीं जानता है। कुछ लोगों को उम्‍मीद है कि जैसे-जैसे मौसम गर्म होगा, वायरस कमजोर पड़ सकता है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍लूएचओ) और भारत में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि अभी तक, वायरस का मौसम से कोई संबंध है, यह बात साबित नहीं हो सकी है। मगर एक्‍सपर्ट्स की मानें तो सूरज की तेज रोशनी की वजह से वायरस की ग्रोथ और इसके जीवित रहने की अवधि पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा उन्‍होंने लोगों से अपील की है कि वे साफ-सफाई का भी ध्‍यान रखें।

Recommended Video

    Coronavirus से कैसे निपटेगा India, क्या गर्मी में खत्म हो जाएगा कोरोना का असर? | वनइंडिया हिंदी

    गर्मी के मौसम में मिलेगी राहत

    गर्मी के मौसम में मिलेगी राहत

    मेडिकल एक्‍सपर्ट्स के हवाले से अल जजीरा ने लिखा है कि गर्म वसंत मौसम और आने वाली गर्मियां लोगों को थोड़ी राहत दे सकती है। इस मौसम की वजह से वायरस की वजह से होने वाले संक्रमण में कमी आ सकती है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में महामारी विज्ञान के जानकार डॉक्‍टर स्‍टीफन बराल ने बोस्‍टन हेराल्‍ड को दिए इंटरव्‍यू में कहा है कि अमेरिका में अब गर्मियां शुरू होने वाली हैं और इसकी वजह से इस बीमारी में अपने आप ही गिरावट देखने को मिलेगी। एक्‍यूवेदर जो कि मौसम से जुड़ी भविष्‍यवाणी करने वाली अमेरिकी कंपनी है, उसने हांगकांग यूनिवर्सिटी में पैथोलॉजी प्रोफेसर डॉक्‍टर जॉन निकोलस के हवाले से लिखा है, 'कोरोना वायरस को तीन चीजें पसंद नहीं हैं-सूरज की रोशनी, तापमान और उमस।'

    सूरज की रोशनी सबसे कारगर

    सूरज की रोशनी सबसे कारगर

    निकोलस ने आगे कहा, 'सूरज की रोशनी की वजह से वायरस के बढ़ने की दर आधी रह जाएगी यानी रोशनी में यह 2.5 मिनट और अंधेरे में 13 से 20 मिनट में बढ़ेगा। सूरज की रोशनी किसी भी वायरस को खत्‍म करने में सबसे कारगर हथियार है।' जर्मनी के सेंटर फॉर एक्‍सपेरीमेंटल एंड क्‍लीनिकल इनफेक्‍शन रिसर्च में वायरोलॉजिस्‍ट थॉमस पिश्‍तेशमान ने डॉयचे वैले को बताया है कि कोरोना वायरस गर्मी नहीं झेल सकता है। इसका मतलब यह है कि जैसे ही तापमान बढ़ेगा वायरस अपने आप खत्‍म होने की तरफ बढ़ सकता है। एक्‍यूवेदर के मुताबिक अमेरिका में 19 मार्च से बसंत का मौसम शुरू होगा। 20 मार्च से ही यूरोप के भी तमाम देशों में तापमान बढ़ने की भविष्‍यवाणी की गई है।

    भारत में इसलिए कम हैं मामले

    भारत में इसलिए कम हैं मामले

    चेन्‍नई में संक्रामक बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्‍टर अब्‍दुल गफूर ने अल जजीरा को बताया है कि भारत में इस केस की जो संख्या है, वह बाकी देशों की तुलना में बहुत कम है। उनका कहना है कि भारत में गर्मी और उमस एक वजह हो सकती है कि कोरोना वायरस भारत में उस तेजी से नहीं फैल पा रहा है। उन्‍होंने यह भी कहा कि मौसम की वजह से वायरस ज्‍यादा समय तक या फिर ज्‍यादा तेजी से नहीं बढ़ पा रहा है। उनका कहना है कि सिर्फ गर्म मौसम ही नहीं बल्कि भारत की जलवायु उमस भरी भी है और इस वजह से संक्रमण की दर यहां पर कम है। उन्‍होंने सरकार के उन उपायों को भी बेहतर बताया है कि जिसके तहत इंटरनेशनल एयरलाइंस से आने वालों की एयरपोर्ट पर ही स्‍क्रीनिंग की जा रही है।

    ईरान में इसलिए मारे गए 500 लोग

    ईरान में इसलिए मारे गए 500 लोग

    डॉक्‍टर गफूर ने कहा कि यूरोप और अमेरिका के कुछ हिस्‍सों में ठंडा मौसम है और हवा भी सूखी है। इसकी वजह से वायरस काफी तेजी से सफर करता है और जब यह स्थिर हो जाता है तो लंबे समय तक टिक जाता है। इसके साथ ही कम तापमान में तेजी से फैलने लगता है। ईरान में तापमान इस समय जीरो डिग्री से 10 डिग्री तक है। अब तक यहां पर 500 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन डॉक्‍टर गफूर ने यह भी कहा है कि ज्‍यादा तापमान के बाद भी वायरस पूरी तरह से खत्‍म हो जाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। कुछ देशों में यह महामारी के तौर पर मौजूद रहेगा।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+