Cronavirus: UK में 11 साल बाद आया बेरोजगारी संकट, 7 लाख से ज्यादा लोगों ने गंवाई नौकरी
लंदन। कोरोना वायरस की मार दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ी और अब इसका असर दिखने लगा है। अमेरिका के बाद अब यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रोजगार की दर एक दशक में सबसे कम हुई है। देश में आर्थिक संकट इस समय सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका है। देश में फिलहाल लॉकडाउन जारी है और यहां पर भी मजदूरों का संकट पैदा हो गया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल से जून तक 730,000 नागरिकों की नौकरियां गई हैं। यह वही समय था जब कोरोना संकट की वजह से कड़े प्रतिबंध देश में लगाए गए थे। यूके के नेशनल स्टटिस्टिक्स की तरफ से ये आंकड़ें जारी किए गए हैं।

11 साल पहले आया था ऐसा ही संकट
साल 2009 में यूके ने इतने बड़े स्तर पर बेरोजगारी देखी थी। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अभी और झटके आने बाकी हैं क्योंकि सरकार की तरफ से आर्थिक मदद भत्ता बंद कर दिया गया है। इस माह किसी को भी कोरोना वायरस की वजह से आर्थिक मदद सरकार की तरफ से नहीं मिलेगी। मई में भी एक रिपोर्ट आई थी। उस रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में कोविड-19 की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते मार्च से जून के दौरान 6,49,000 लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। साल 2009 में मई से जुलाई तक के आंकड़ें इसी तरह के थे और उस समय ब्रिटेन गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा था। सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है जो या तो सबसे ज्यादा युवा हैं या फिर जिनकी उम्र सबसे ज्यादा है। इन आंकड़ों में उन लाखों लोगों को शामिल नहीं किया गया है जो जीरो ऑवर्स पर हैं लेकिन उन्हें शिफ्ट नहीं दी जा रही है या फिर वो लोग जिन्हें अस्थायी तौर पर नौकरी से छुट्टी पर बिना सैलरी के भेज दिया गया है। ऐसे लोगों को अभी तक रोजगार हासिल करने वाले लोगों में गिना जा रहा है।












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