Coronavirus: अमेरिका में चीन के राजदूत बोले-अब संबंधों पर दोबारा सोचने का समय
वॉशिंगटन। चीन के राजददूत ने कहा है कि अब समय आ गया है जब अमेरिका को दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच रिश्तों पर गंभीरता से सोचना चाहिए। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस को लेकर लगातार चीन पर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। वह इसकी जांच तक की बात कह चुके हैं। इन सबके बीच ही अमेरिका में चीनी राजदूत क्युइ तियानकई की तरफ से आए इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है।

ट्रंप ने दी अंजाम भुगतने की धमकी
राजदूत तियानकई मंगलवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनमी वेबकास्ट में मौजूद थे। यहां पर जब उनसे एक सवाल पूछा गया था और इसी सवाल के जवाब में उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी। तियानकई ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब तनाव में एक विराम आना चाहिए। लेकिन वास्तव में अब इन संबंधों पर फिर से सोचने की जरूरत है।' जिनपिंग और ट्रंप के बीच मार्च माह में फोन पर बात हुई थी। इस वर्ष अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और इससे पहले आए कोरोना वायरस ने ट्रंप को काफी आक्रामक कर दिया है। वह बार-बार इस बात की आशंका जता रहे हैं कि वायरस कहां से निकला है। पिछले दिनों उन्होंने एक कदम आगे जाकर कहा कि अगर इस बात की जानकारी हुई कि चीन ने जानबूझकर महामारी को फैलने दिया तो फिर उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
चीन पर लगा सच छिपाने का आरोप
इसके बीच ही मिसौरी ने चीनी सरकार पर केस ठोंक दिया हे। मिसौरी की तरफ से दायर केस में चीनी सरकार पर आरोप लगाया गया है कि उसने महामारी को छिपाने की कोशिश की है। मिसौरी की तरफ से जो केस दायर किया गया है उसमें पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया गया है। वह राजदूत तियानकई ने कहा है कि उनके देश के पास महामारी से जुड़ी जितनी भी जानकारी थी, उसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के साथ साझा किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कुछ अमेरिकी राजनेताओं की भी आलोचना की और कहा कि वो वैज्ञानिकों की तरफ से आने वाले नजरिए पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि 'सब कुछ चीन ने किया है,' अमेरिका इसी धारणा के साथ आगे बढ़ रहा है।












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