सीरिया में युद्ध के बीच कैसी है प्राविसियों की हालत? भारत लौटे शख्स ने बयां किया दर्द
सीरया में बशर असद की सरकार का पतन के बाद हालात बिगड़ गए हैं। दावा किया जा रहा है कि विद्रोही गुट की सरकार को चार महीने में पॉवर ट्रांसफर हो जाएगी। लेकिन इस बीच अराजकता और डर का माहौल है। दमिश्क से लेकर पूरे देश में स्थिति बिगड़ गई है। इस बीच वतन वापस लौटे भारतीयों ने गृहयुद्ध से जूझ रहे देश की स्थिति बयां की।
सीरिया में विद्रोही गुट के आगे सेना और पुलिस अधिकारी अपनी चौकियां छोड़कर भाग गए और विद्रोही रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय में घुस गए। दमिश्क के वीडियो में कुछ परिवार राष्ट्रपति भवन में घूमते दिखे और कुछ लोग प्लेट एवं अन्य घरेलू सामान लेकर निकलते नजर आए। लूटपाट के बीच अराजकता का माहौल है।

ऐसे में सीरिया से 6 भारतीयों का एक ग्रुप दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। जिसमें शामिल रचित कपूर और सुनील दत्त ने वहां के मौजूदा हालात बयां किए। सीरिया से वतन लौटे सुनील दत्त ने कहा , "हम दूतावास के संपर्क में थे। जब विद्रोहियों ने कब्ज़ा कर लिया, तो हमें फोन आया कि हमें तुरंत वहां से निकलना होगा। दूतावास ने हमारा समर्थन किया, हमारा मार्गदर्शन किया - और उन्होंने हमें बताया कि वे पीएमओ के संपर्क में थे और वे निकासी प्रक्रिया को अंजाम देंगे क्योंकि यह सब इसलिए हुआ क्योंकि वे (पीएमओ और विदेश मंत्री) स्थिति पर नजर रखते थे।"
वहीं सीरिया से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंचे रचित कपूर ने कहा, "7 और 8 दिसंबर (दिसंबर) को जो हुआ उससे हर कोई दहशत और अराजकता में था। हमें भारतीय दूतावास से जो समर्थन मिला दमिश्क बहुत अच्छा था अगर पीएम मोदी और उनकी टीम का समर्थन नहीं होता, तो हमारे लिए यहां भारत में सुरक्षित रूप से उतरना संभव नहीं होता।"












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