अब स्कूली बच्चों को 'लड़ाकू ड्रोन' चलाने की ट्रेनिंग देगा ये देश, जानिए वजह
लड़ाकू ड्रोन के संचालन की जानकारी देना सैन्य प्रशिक्षण का एक हिस्सा माना जाता है। यूपीय देश में स्कूली बच्चों को क्यों ऐसी ट्रेनिंग दी जा रही है, इसको लेकर एक अलग ही मायने निकाले जा रहे हैं।
रूस के हाईस्कूल के बच्चे ये जानेंगे कि कैसे किसी खोजी विमान के जरिए दुश्मन का पता लगाया जा सकता है। रूस के रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया, "कार्यक्रम को रूस के शिक्षा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित लड़कू ड्रोन प्रशिक्षण का कार्यक्रम सितंबर में शिक्षा संस्थानों और युवा सैन्य-देशभक्ति शिक्षा केंद्रों में लागू किया जाएगा।"
ड्रोन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव देने वाले सीनेटर अर्टोम शेकिन ने कहा, "मौजूदा समय में सेना के पास सिर्फ कलाश्निकोव असॉल्ट राइफल नहीं, बल्कि उन्नत मानवरहित वाहन भी है।"

मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में लगभग 30,000 विश्वविद्यालय के छात्र पहले से ही ड्रोन पर पाठ्यक्रम ले रहे हैं, जैसा कि वेडोमोस्टी बिजनेस दैनिक ने मार्च में रिपोर्ट किया था, जब उद्योग के खिलाड़ियों ने सरकार से इस विषय को रूस के स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने का आग्रह किया था।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा। खार्किव के क्षेत्रीय अभियोजक कार्यालय के अनुसार, रूस ने अपनी गोलाबारी से कुप्यांस्क और ड्वोरिचना शहर को निशाना बनाया। कार्यालय ने एक टेलीग्राम पोस्ट में कहा कि कुप्यांस्क पर गोलाबारी में मारे गए लोगों में एक 57 वर्षीय महिला भी शामिल थी और वहीं शहर में एक व्यवसाय की संपत्ति भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा कुपयांस्क में भी कुछ लोग घायल हुए हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों को लड़ाकू ड्रोन की ट्रेनिंग को लेकर एक अलग ही बात कही जा रही है।












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