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श्रापित मछली मिलने के बाद चिली में दूसरी 'रहस्यमयी घटना', अचानक से बादलों का रंग हुआ बैंगनी

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नई दिल्ली: चिली एंडिज पर्वत और प्रशांत महासागर के बीच स्थित लंबा और संकरा देश है। वहां पर पिछले कुछ महीनों से अजीबोगरीब घटनाएं हो रही हैं। अभी कुछ दिन पहले वहां पर मछुआरों के हाथ एक 16 फीट की मछली लगी थी, जिसे लोग श्रापित बता रहे थे। साथ ही किसी अनहोनी की आशंका भी जताई गई थी, तो वहीं अब वहां के एक शहर में अचानक से बादलों का रंग बदल गया।

आसमान का रंग नहीं बदला

आसमान का रंग नहीं बदला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चिली के पोजो अल्‍मोंटे नाम के शहर में एक रहस्यमयी घटना घटी है। वहां पर अचानक बादल बैंगनी रंग के हो गए। जिसके बाद लोगों ने उसकी कई तस्वीरें खीचीं और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि आसमान नीले रंग का है, लेकिन बादल बैंगनी रंग के नजर आ रहे।

क्या है मछली की कहानी?

क्या है मछली की कहानी?

वहां पर अभी कुछ दिनों पहले एक श्रापित मछली मिली थी, जिसे किंग ऑफ हेरिंग्स भी बुलाते हैं। कहा जाता है कि ये मछली जहां जाती है, वहां पर तबाही मचाती है। पिछली बार ये जापान में नजर आई थी तो वहां पर भयानक सुनामी आई। इसी वजह से आसमान गुलाबी होने की घटना को लोगों ने उस मछली से जोड़ दिया।

 इंसानों की लापरवाही से हुई?

इंसानों की लापरवाही से हुई?

टारापाका (Tarapaca) के डिप्‍टी रीजनल डायरेक्‍टर क्रिस्टियन इबानेज ने कहा कि घटना सामने आते ही स्थानीय अधिकारी सक्रिय हो गए थे। उन्होंने तुरंत इस मामले की जांच की, जिसमें पता चला कि ये कोई प्राकृतिक घटना नहीं बल्कि इंसानों की लापरवाही से हुई है। जिसको लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही 48 घंटे बाद सब कुछ सामान्य हो गया।

48 घंटे बाद गायब

48 घंटे बाद गायब

दरअसल एक प्लांट में लगा बूस्टर पंप का मोटर फेल हो गया था। जिस वजह से प्लांट से आयोडीन गैस के रूप में निकलने लगी। इसके बाद उसका रंग अजीबोगरीब तरीक से बैंगनी हो गया। उन्होंने मोटर को सही कर दोबारा से सब कुछ सामान्य कर दिया है। करीब 48 घंटे तक बादलों का रंग बैंगनी रहा, इसके बाद वो गायब हो गए।

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अंटार्कटिका में भी ऐसी घटना

अंटार्कटिका में भी ऐसी घटना

वहीं कुछ दिनों पहले इसी तरह की घटना अंटार्कटिका में हुई थी। वहां पर भी आसमान का रंग अचानक से गुलाबी हो गया। उस दौरान वैज्ञानिकों ने बताया था कि जब ज्वालामुखी विस्फोट होता है, तो सल्फेट पार्टिकल्स, समुद्री नमक और वॉटर वेपर से बने एयरोसोल हवा में घूमते हैं। जब इनसे सूरज की रोशनी टकराती है, तो ये आसमान में गुलाबी, बैंगनी और नीले रंग की रोशनी फैलाते हैं।

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English summary
Clouds turn pink in Chile after earthquake fish
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