सीरिया खूनी संघर्ष में 17 लोग मारे गए, जानें क्यों मचा बवाल
सीरिया में फैली हिंसा को लेकर सुवायदा 24 स्थानीय मीडिया आउटलेट के एक कार्यकर्ता ने कहा कि यहां सरकार समर्थित लड़ाके मनमानी ढंग से लोगों को हिरासत में ले रहे हैं और जिस कारण लोगों में निराशा बढ़ी है।
दमिश्क, 28 जुलाई : दक्षिण सीरिया के स्वीडा प्रांत में सशस्त्र निवासियों ( rare clashes in Syria Sweida) और गिरोहों के बीच हुए खूनी संघर्ष में कम से कम 17 लोग मारे गए,जबकि दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को इस खूनी संघर्ष के बारे में जानकारी दी। बता दें कि, ड्रुज-बहुमत प्रांत ज्यादातर खूनी संघर्ष से बचा हुआ है। हालांकि, बिगड़ती आर्थिक स्थितियों के कारण यहां पर छिटपुट रैलियां देखने को मिलीं।

सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी
सीरिया में फैली हिंसा को लेकर सुवायदा 24 स्थानीय मीडिया आउटलेट के एक कार्यकर्ता और प्रमुख रेयान मारौफ ने कहा कि यहां सरकार समर्थित लड़ाके मनमानी ढंग से लोगों को हिरासत में ले रहे है। इससे लोगों में नाराजगी और निराशा बढ़ी है।

नाराजगी ने विद्रोह का रूप ले लिया
स्थानीय मीडिया आउटलेट के एक कार्यकर्ता ने आगे बताया कि, लोगों के बीच बढ़ती नाराजगी विद्रोह का रूप ले लिया, जिसमें 17 लोग मारे गए। वहीं, सीरियाई सरकार ने हिंसा पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अल-वतन ने कहा कि लड़ाई शांत हो गई है और एक समझौते पर बातचीत चल रही है।

अचानक खूनी संघर्ष शुरू हो गया
मारूफ ने बुधवार देर रात रॉयटर्स को बताया, यह विद्रोह बहुत अचानक भड़क गया और इन सशस्त्र समूहों के ठिकानों पर हमले हुए, जिन्हें भारी हथियारों से मजबूत किया गया है।

17 लोगों की खूनी संघर्ष में मौत
परिणामी लड़ाई में स्वीडा के स्वास्थ्य निदेशालय के अनुसार 17 लोगों की मौत हो गई, जिसका हवाला गुरुवार को सुवेदा 24 और सरकार समर्थक अल-वतन अखबार दोनों ने दिया। सीरियाई सरकार ने हिंसा पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अल-वतन अखबार ने कहा कि लड़ाई शांत हो गई है और एक समझौते पर बातचीत चल रही है।

भारी विरोध-प्रदर्शन हुआ था
वहीं, स्वीडा24 की रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताहांत में अगवा किए गए व्यक्ति को आखिरकार छोड़ दिया गया। स्वीडा में इस साल की शुरुआत में गैस सब्सिडी में कटौती को रोकने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था।












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