नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन से मिलने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भेजा अपना दूत
मई के अंत में या फिर जून के पहले हफ्ते में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और की मुलाकात नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से हो सकती है। मगर इस मुलाकात से पहले सीआईए के डायरेक्टर माइक पोंपेयो ने किम जोंग के साथ एक सीक्रेट मीटिंग की थी। पोंपेयो किम से मिलने प्याोंयांग गए थे।
वॉशिंगटन। मई के अंत में या फिर जून के पहले हफ्ते में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और की मुलाकात नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से हो सकती है। मगर इस मुलाकात से पहले सीआईए के डायरेक्टर माइक पोंपेयो ने किम जोंग के साथ एक सीक्रेट मीटिंग की थी। पोंपेयो किम से मिलने प्याोंयांग गए थे और यह मुलाकात ईस्टर के मौके पर हुई थी। इस सीक्रेट मीटिंग के बारे में सिर्फ दो लोगों को ही मालूम है और इन दो लोगों की हवाले से अमेरिकी मीडिया की ओर से यह जानकारी दी गई है। पोंपेयो, ट्रंप के दूत बनकर नॉर्थ कोरिया पहुंचे थे।

ट्रंप के करीबी हैं पोंपेयो
पोंपेयो को ट्रंप का करीबी और विश्वासपात्र माना जाता है। पोंपेयो के नॉर्थ कोरिया जाने का मकसद ट्रंप और किम के बीच होने वाली वार्ता से पहले दोनों की मुलाकात के लिए एक जमीन तैयार करना था। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक इस मीटिंग के बारे में जानकारी रखने वाले दो लोगों की ओर से इस बारे में जानकारी दी गई है। पोंपेयो के इस सीक्रेट दौरे के बारे में अभी तक कुछ भी नहीं कहा गया था। यह खबर ठीक उस जानकारी के बाद आई है जिसमें पोंपेयो को अमेरिका के विदेश मंत्री बनाए जाने की बातें कही गई थी। पोंपेयो ने सीनेट की विदेशी संबंधों से से जुड़ी कमेटी को पिछले हफ्ते इस बारे में बताया है। उन्होंने कहा था कि वह इस बात को लेकर काफी आशावान हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सरकार ऐसी स्थितियां उत्पन्न कर सकती है जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप और किम जोंग उन की मुलाकात सफल हो सके। साथ ही इस मुलाकात के जरिए उस लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है जिसका अमेरिका को कई वर्षों से इंतजार है।
साल 2000 से बंद था कॉन्टैक्ट
वहीं मंगलवार को अपने फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो रिसॉर्ट में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि किम के साथ उनकी मुलाकात काफी असाधारण होने वाली है। उन्होंने बताया कि अगर अभी नहीं तो फिर जून में उनकी मुलाकात किम से होगी। उन्होंने कहा कि नॉर्थ कोरिया के साथ बातचीत 'बहुत ही उच्च स्तर' की होगी। हालांकि इस बारे में उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी। पोंपेयो की किम के साथ मुलाकात अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच उच्चतम स्तर के संपर्क को बयां करती है। साल 2000 के बाद दोनों देशों के बीच इस तरह का कोई संपर्क हुआ है। साल 2000 में अमेरिका की विदेश मंत्री मैडलिन अलब्राइट ने तत्कालीन नॉर्थ कोरियन शासक किम जोंग इन से मुलाकात की थी जो कि किम जोंग उन के ही पिता थे। अलब्राइट ने उस समय कई रणनीतिक मु्द्दों पर चर्चा की थी। इसके अलावा साल 2014 में अमेरिका के नेशनल इंटेलीजेंस के डायरेक्टर जेम्स आर कलैपर जूनियर ने भी नॉर्थ कोरिया का दौरा किया था। उस समय वह दो अमेरिकी बंधकों की रिहाई के लिए नॉर्थ कोरिया गए थे।












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