चीन के 'विकी डोनर्स' को स्पर्म डोनेशन से पहले साबित करनी होगी शी जिनपिंग की कम्युनिस्ट पार्टी के लिए वफादारी!
चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी इस समय लोगों के लिए अजब-गजब फरमान जारी कर रही है। पिछले दिनों चीन में जहां पूर्व कम्युनिस्ट पार्टियों के नेताओं के ऑनलाइन मजाक पर भी बैन लग गया तो अब यहां पर स्पर्म बैंकों ने ग्राहकों से अजीबो-गरीब मांग कर डाली है।
बीजिंग। चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी इस समय लोगों के लिए अजब-गजब फरमान जारी कर रही है। पिछले दिनों चीन में जहां पूर्व कम्युनिस्ट पार्टियों के नेताओं के ऑनलाइन मजाक पर भी बैन लग गया तो अब यहां पर स्पर्म बैंकों ने ग्राहकों से अजीबो-गरीब मांग कर डाली है। इन ग्राहकों से कहा जा रहर है कि उन्हें सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए अपनी वफादारी साबित करनी होगी। राजधानी बीजिंग में इन दिनों स्पर्म डोनर्स को जो फॉर्म दिए जा रहे हैं उनमें कई क्राइटेरिया है जिसमें पार्टी के लिए वफादारी साबित करने वाला भी एक कॉलम दिया गया है।

कम्युनिस्ट पार्टी के लिए हो प्यार
बुधवार को बीजिंग के थर्ड हॉस्पिटल ऑफ पेकिंग यूनिवर्सिटी की ओर से एक स्पर्म डोनेशन कैंपेन लॉन्च किया गया है। यह कैंपेन 23 मई तक चलेगा और इस डोनर्स के लिए कई तरह की रिक्वायरमेंट्स रखी गई हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए हॉस्पिटल का कहना है कि डोनर्स के पास 'सहायक राजनीतिक गुण' जरूर होने चाहिए। अस्पताल की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है, 'डोनर्स को अपनी मातृभूमि से प्यार करना होगा और साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व को गले से लगाना होगा।' नोटिस में आगे कहा गया है, 'उसे पार्टी के कामों के प्रति वफादार, मर्यादित व्यपहार करने वाला, कानूनों का पालन करने वाला और किसी भी तरह की राजनीति समस्या से मुक्त होने वाला होना चाहिए।'

दो राउंड का टेस्ट पास करना जरूरी
राजनीतिक तौर पर जरूरतें पूरी करने के अलावा जो और शर्ते रखी गई हैं उनमें डोनर्स की उम्र 20 वर्ष से ज्यादा होनी चाहिए, उसके बाल नहीं झड़ रहे हों, उसे कलर ब्लाइंडनेस नहीं होनी चाहिए और न ही वजन से जुड़ी समस्यांए हों। डोनर्स को पहले दो राउंड का टेस्ट पास करना होगा जिसमें पहला है उसके सीमन का क्वालिटी चेक और फिर उनकी सामान्य हेल्थ और फिटनेस से जुड़ा टेस्ट। जो डोनर्स ये दोनों टेस्ट पास कर लेंगे उन्हें तुरंत ही 200 युआन यानी 42 डॉलर की रकम अदा कर दी जाएगी। इसके अलावा सफल डोनर्स को 5,500 युआन दिए जाएंगे।

छह माह में 10 बार स्पर्म डोनेशन जरूरी
हालांकि डोनर्स की राजनीतिक विश्वसनीयता को साबित करने के लिए कोई टेस्ट नहीं है। एक डॉक्टर की ओर से बताया गया है कि राजनीतिक आवश्यकता पूरी करने के लिए डोनर्स का अलग से कोई टेस्ट नहीं होगा। डॉक्टर का कहना है कि जब तक डोनर खुद को राजनीतिक तौर पर ठीक समझेगा, टेस्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा डोनर्स को छह माह में करीब 10 बार स्पर्म डोनेट करना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके आर्टिफिशियल इनसैनिमेशन यानी कृत्रिम वीर्यारोपण के लिए जरूरी स्पर्म की मात्रा ठीक है।

साल 2015 में खत्म हुई वन चाइल्ड पॉलिसी
चीन में साल 2015 में वन चाइल्ड पॉलिसी को खत्म कर दिया गया था और इसके बाद से यहां पर स्पर्म डोनेशन में तेजी आ गई है। कई परिवार अब आईवीएफ टेक्निक के जरिए दूसरा बच्चा चाहते हैं लेकिन सही डोनर के इंतजार में उन्हें कभी-कभी एक वर्ष से भी ज्यादा का इंतजार करना पड़ जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 20 प्रतिशत से भी कम डोनर्स की ओर से डोनेट किए गए स्पर्म ही प्रयोग के लिए सही साबित हो पाते हैं। चीन में स्पर्म की बिक्री सिर्फ नॉन-प्रॉफिट स्पर्म बैंक्स के जरिए ही हो सकती है। जो परिवार स्पर्म बैंक में आते हैं उन्हें यह साबित करना होगा कि उनके पति से उन्हें बच्चा नहीं हो सकता है।
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